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आणंद : मीठा पानी उपलब्ध नहीं, महिलाओं ने मटके फोड़ किया प्रदर्शन

आंकलाव तहसील के बामणगाम में खारे पानी की समस्या आणंद. जिले की आंकलाव तहसील के बामणगाम के तुळजाभवानी क्षेत्र में मीठा पानी उपलब्ध नहीं होने पर महिलाओं ने मटके फोड़कर प्रदर्शन किया।महीसागर नदी के किनारे बसे बामणगाम का तुळजाभवानी क्षेत्र निचला इलाका होने के कारण खंभात की खाड़ी का ज्वारीय पानी महीसागर नदी में प्रवेश […]

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आंकलाव तहसील के बामणगाम में खारे पानी की समस्या

आणंद. जिले की आंकलाव तहसील के बामणगाम के तुळजाभवानी क्षेत्र में मीठा पानी उपलब्ध नहीं होने पर महिलाओं ने मटके फोड़कर प्रदर्शन किया।
महीसागर नदी के किनारे बसे बामणगाम का तुळजाभवानी क्षेत्र निचला इलाका होने के कारण खंभात की खाड़ी का ज्वारीय पानी महीसागर नदी में प्रवेश करता है, जिससे भूजल खारा हो जाता है। यहां के बोरकुओं में खारा पानी आता है, जो पीने योग्य नहीं है।
गांव के अन्य हिस्से ऊंचाई वाले क्षेत्र में होने से वहां मीठा पानी मिलता है। तुळजाभवानी क्षेत्र में पानी खारा होने के कारण स्थानीय महिलाओं को पीने का मीठा पानी भरने के लिए सिर पर घड़े लेकर गांव के अन्य क्षेत्रों में जाना पड़ता है।
तुळजाभवानी प्राथमिक स्कूल के प्रधानाचार्य नरेशभाई प्रजापति ने बताया कि स्कूल में बोर और पानी की टंकी है, लेकिन पानी बहुत खारा आता है। इसी कारण बच्चे यह पानी नहीं पी सकते और घर से पीने का पानी बोतल में भरकर लाना पड़ता है। यदि गांव की पाइपलाइन से तुळजाभवानी क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की जाए, तो समस्या का समाधान हो सकता है।
एक महिला पिंटुबेन ने बताया कि पीने का मीठा पानी नहीं मिलता, इसलिए मीठा पानी भरने के लिए दूर जाना पड़ता है, और पानी लाने के लिए रोजाना दो से तीन घंटे लगते हैं। पिछले 20 वर्षों से हम पीने के पानी की समस्या से परेशान हैं।