
video: अहमदाबाद से क्रिकेट सट्टे के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 1800 करोड़ के ट्रांजेक्शन का खुलासा
Ahmedabad. इंडियन प्रीमियर लीग के मैच शुरू हों उससे पहले ही अहमदाबाद शहर पुलिस आयुक्त के सीधे मार्गदर्शन में काम करने वाली प्रिवेंशन ऑफ क्राइम ब्रांच (पीसीबी) की टीम ने शहर के माधवपुरा इलाके में दबिश देकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 16 आरोपी फरार हैं। मामले के तार सिंगापुर और दुबई से जुड़े है। सबसे अहम बात है कि यह गिरोह 2021 से सक्रिय था और अब तक करीब 1800 करोड़ रुपए के सट्टे से जुड़े ट्रांजेक्शन कर चुका है। पीसीबी के पुलिस निरीक्षक तरल भट्ट को मिली सूचना के आधार पर शनिवार को शहर के माधवपुरा के दूधेश्वर स्थित सुमेल पार्क-6 नाम की इमारत में पीसीबी की टीम ने दबिश दी। मौके से चार लोगों को पकड़ा। उनके पास से 50 हजार नकद, 7 मोबाइल फोन, तीन लैपटॉप, 536 चेकबुक, 538 डेबिटकार्ड, 14 अलग अलग बैंक के पीओएस मशीन, 193 सिमकार्ड, 7 पैनकार्ड, अलग-अलग कंपनियों के नाम के 80 सिक्का, 20 डिजिटल सिग्नेचर डिवाइस जप्त किए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों में अंकित गहलोत, नीरव पटेल, सतीश परिहार, जितेन्द्र हीरागर शामिल हैं। जबकि 16 अन्य फरार हैं। इस मामले में माधवपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई है।
अब तक का सबसे बड़ा रैकेट
पीसीबी के अनुसार उन्हें काफी समय से खबर मिल रही थी कि अहमदाबाद शहर से बड़े पैमाने पर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे से जुड़े पैसे इंटरनेशनल एकाउंट में ट्रांसफर हो रहे हैं। इसके आधार पर जांच करने पर पता चला कि माधवपुरा सुमेल 6 में स्थित महावीर एंटरप्राइज नाम की ऑफिस से शंकास्पद गतिविधियां हो रही हैं। जिससे दबिश दी और जांच में क्रिकेट सट्टे से जुड़ा अब तक का बड़ा खुलासा हुआ है। महीवार एंटरप्राइज कंपनी अजय जैन के नाम पर रजिस्टर होने की बात सामने आई है। यह ऑफिस किराए पर ली थी। यहां से आरोपी महादेव बुक,क्रिष्णारेड्डीबुक, स्काइएक्सचेंजडॉटकॉम,खलीफा बुक, राधेबुक, अन्नाकृष्णाबुक, सीबीटीएफ सहित कुछ अन्य नाम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा खिला रहे थे।
हर्षित जैन मुख्य सरगना, डमी एकाउंट खुलवाए
पीसीबी सूत्रों के अनुसार इस क्रिकेट सट्टे का मुख्य सूत्रधार हर्षित जैन नाम का आरोपी है। वह फर्जी कंपनियां बनाकर उसके जरिए सट्टा के पैसों का ट्रांजेक्शन करता था। लोगों को गुमराह कर उनके पास से आधारकार्ड, उनकी बैंक डिटेल लेता फिर उसके जरिए एकाउंट खुलवाता। उसमें रुपए जमा करता। कुछ एकाउंट धारक को प्रति माह 10 से 12 हजार रुपए देता था। ऐसे 500 से ज्यादा एकाउंट का पता चला है। जिनमें 2021 से अब तक 1800 करोड़ के ट्रांजेक्शन की बात सामने आई है। एक लाख पर साढ़े तीन प्रतिशत कमीशन इन एकाउंट के लिए लिया जाता था। इन एकाउंट की जानकारी इंटरनेशनल क्रिकेट सट्टे से जुड़े लोगों को भी दी जाती थी।
Published on:
26 Mar 2023 10:30 pm
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