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Brain Tumor Day : सतत होने वाले सिर दर्द को हल्के में न लें : विशेषज्ञों का मत

ब्रेन ट्यूमर के मामलों में 30 फीसदी को कैंसर ब्रेन ट्यूमर पर विशेष

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Brain Tumor Day : सतत होने वाले सिर दर्द को हल्के में न लें : विशेषज्ञों का मत

File photo

अहमदाबाद. लगातार होने वाले headache सिर दर्द को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए। सतत सिरदर्द, बार-बार उल्टी होना, आंखों के सामने आंधेरा छा जाना, बेचेनी का अनुभव होना जैसे लक्षण होने पर brain tumor ब्रेन ट्यूमर की आशंका बढ़ जाती है। समय रहते उपचार कराने पर सामान्य जीवन जी सकते हैं। सिरदर्द के सभी मामलों में ब्रेन ट्ूयूमर नहीं होता है और हरेक ब्रेन ट्यूमर कैंसर का भी नहीं होता है। सिर में होने वाली गांठों में से लगभग 30 फीसदी कैंसर की होती हैं।
वल्र्ड ब्रेन ट्यूमर डे के उपलक्ष्य में विशेषत्रों से की गई बातचीत में यह जानकारी सामने आई हैं।
अहमदाबाद के जाने माने न्यूरो फिजिशियन सुधीर शाह का कहना है कि मस्तिष्क में होने वाली गांठ (ब्रेन ट्यूमर) के लक्षणों के बारे में लोगों को जानकारी होना जरूरी है। मष्तिष्क की गांठ कई प्रकार की होती है। इनमें गांठ का कद, प्रकार, स्थान के आधार पर गांठ के अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं। प्रत्येक गांठ का आकार बढऩे के साथ-साथ सिर के दोनों ओर दर्द होता है। इसके अलावा उल्टी होना, अंधेरा महसूस होना, बेचेनी का अनुभव होना, एक वस्तु दो के रूप में दिखाई देना, जैसे लक्षण हैं। हालांकि सिर दर्द के मामले में ऐसा नहीं है कि सभी को ब्रेन ट्यूमर हो। ऐसे मरीजों में लगभग एक फीसदी को ब्रेन ट्यूमर होता है। डॉ. सुधीर का कहना कि स्वस्थ व्यक्ति के सिर में लगातार दर्द हो तो उसे बिना देरी किए चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।


समय रहते उपचार से कैंसर के ट्यूमर में भी मिल जाती है राहत

एशिया के सबसे बड़े सिविल अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. जैमिन शाह का कहना है कि चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे लगातार विकास के कारण ब्रेन ट्यूमर के मरीजों को काफी राहत हुई है। दिमाग में यदि कैंसर की भी गांठ है तो समय रहते उपचार से मरीज का जीवन बढ़ जाता है। सामान्य गांठ के समय रहते उपचार से पूरी तरह नॉर्मल जीवन जी सकते हैं। डॉ. जैमिन शाह ने बताया कि सिविल अस्पताल में होने वाले ब्रेन ट्यूमर के ऑपरेशन में से लगभग 30 से 40 फीसदी को कैंसर की पुष्टि होती है। शेष 60 से 70 फीसदी को सामान्य गांठ निकलती है। उनका कहना है ब्रेन में होने वाले ट्यूमर के निश्चित कारणों का अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। कुछ लक्षणों को भांपकर उचित समय पर इलाज करवाना श्रेष्ठ विकल्प है।

नई उपचार पद्धति हो रही है महत्वपूर्ण साबित
शहर की जानी मानी न्यूरो फिजिशियन डॉ. हेली एस. शाह का कहना है कि वर्तमान में नई उपचार पद्धति के कारण ब्रेन ट्यूमर का उपचार भलिभांति हो रहा है। कई तरह की गांठों को मष्तिष्क को बिना खोले गामा रेडिएशन के जरिए ठीक किया जा सकता है। यदि यह उपचार असफल रहता है भी तो खोपड़ी को खोलकर भी ऑपरेशन किया जा सकता है। छोटी और बाहरी गांठों को स्टिरियोटेक्सिस तकनीक (विशेष सुई) के माध्यम से दूर हटाया जा सकता है। डॉ. हेली के अनुसार स्टिरियोटेक्सिक पद्धति और माइक्रो न्यूरोसर्जिकल पद्धति के अच्छे परिणाम आ रहे हैं।