मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने जूनियर क्लर्क की नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा, हेनल की जिन्दगी की कहानी आमजन के लिए भी प्रेरणास्रोत
Motivational news: आणंद जिले के पेटलाद की हेनल आंजणा की जिन्दगी में ब्रेन ट्यूमर से अंधेरा छा गया था, लेकिन लगन और कठिन परिश्रम से उन्होंने सरकारी नौकरी पाकर अपनी जिन्दगी को रोशन कर दिया। गत दिनों हेनल को गांधीनगर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने जूनियर क्लर्क की नौकरी का नियुक्ति पत्र सौंपा। हेनल की जिन्दगी की कहानी आमजन के लिए भी प्रेरणास्रोत है।
13 वर्ष की आयु तक सामान्य जिन्दगी जीने वाली हेनल को ब्रेन ट्यूमर हो गया, जिससे उनकी आंखों की रोशनी ओझल हो गई। यह ऐसी घटना थी जिसने न सिर्फ हेनल बल्कि उसके परिवार और माता-पिता को गम में डाल दिया। कुछ वक्त के बाद उसने हिम्मत दिखाई और यह दृढ़ निश्चय किया कि चाहे जितनी भी मेहनत करनी पड़े वह करेगी और आमजन बच्चों के साथ ही पढ़ाई करेगी। बाद में हेनल ने पेटलाद में ही कक्षा एक से बारह तक पढ़ाई की। फिर सरदार पटेल यूनिवर्सिटी से वर्ष 2020-21 में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की। बाद में उन्होंने खुद को सरकारी नौकरी के लिए तैयार किया।
हेनल बताती है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में किसी भी तरह की दिक्कत नहीं हो इसके लिए उन्होंने माता-पिता को सारथी बनाया। माता -पिता पढ़ाई के लिए पुस्तकें एकत्रित करते। पहले वे पुस्तकें पढ़ते फिर हेनल को समझाते थे। यू ट्यूब से वीडियो सुनकर तैयारी करना प्रारंभ किया। करीब दो वर्षों का कठिन परिश्रम और फिर सफलता हासिल की।
हेनल की माता मनीषाबेन कहती हैं कि सरकारी नौकरी मिलना उनकी बेटी की जिन्दगी में नया मोड़ है।