
गुजरात की झांकी में वंदे मातरम की झलक दिखेगी। स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम विषय पर केंद्रित यह झांकी आकर्षण का केन्द्र बनेगी।
नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर 26 जनवरी को आयोजित होने वाली 77वीं गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम विषय पर केंद्रित अपनी झांकी प्रस्तुत करेगा। इस वर्ष वंदे मातरम गीत की 150वीं वर्षगांठ है और इसी उपलक्ष्य में गुजरात की झांकी भारतीय राष्ट्रीय ध्वज की निर्माण यात्रा, उसके बदलते स्वरूप और गौरवशाली इतिहास को रोचक ढंग से प्रदर्शित करेगी। समारोह में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुलावॉनडेरलेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियोकोस्टा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
झांकी की शुरुआत में मैडम भीकाजी कामा को उनकी ओर से डिजाइन ऐतिहासिक ध्वज के साथ दर्शाया गया है, जिस पर वंदे मातरम लिखा हुआ है। यह वही ध्वज है जिसे मैडम कामा ने वर्ष 1907 में पेरिस में पहली बार विदेशी धरती पर फहराया था। इसके अलावा इस ध्वज को जर्मनी के स्टटगार्ट और बर्लिन में आयोजित इंडियन सोशलिस्ट कॉन्फ्रेंस में भी लहराया गया था। झांकी में मैडम कामा की अर्ध-प्रतिमा के नीचे संविधान में सूचीबद्ध सभी भारतीय भाषाओं में वंदे मातरम अंकित है।
झांकी के मध्य भाग में राष्ट्रीय ध्वज की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाया गया है। इसमें वर्ष 1906 में कोलकाता के पारसी बागान में क्रांतिकारियों की ओर से फहराए गए वंदे मातरम अंकित ध्वज से लेकर, वर्ष 1907 में मैडम कामा की ओर से पेरिस में फहराए गए ध्वज, वर्ष 1917 में होमरूल आंदोलन के दौरान डॉ. एनी बेसेंट और बाल गंगाधर तिलक की ओर से प्रस्तुत ध्वज, वर्ष 1921 में पिंगलीवेंकैया की ओर से गांधी जी को दिखाए गए ध्वज, वर्ष 1931 में तीन रंगों वाले चरखे के ध्वज और अंततः 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा की ओर से स्वीकृत वर्तमान तिरंगे की यात्रा को दिखाया गया है।
झांकी के अंतिम हिस्से में महात्मा गांधी की प्रतिमा को विशाल धर्म चक्र के साथ दर्शाया गया है, जो चरखे के माध्यम से स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संदेश देती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आत्मनिर्भर भारत अभियान को प्रोत्साहित करने की झलक भी झांकी में समाहित है।
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों तथा केंद्र सरकार के 13 मंत्रालयों की 30 झांकियां प्रदर्शित होंगी। गुजरात सरकार के सूचना विभाग की ओर से प्रस्तुत इस झांकी के निर्माण में
सूचना एवं प्रसारण के सचिव डॉ. विक्रांत पांडे, सूचना आयुक्त किशोर बचाणी, सूचना अपर निदेशक अरविंद पटेल, संयुक्त सूचना निदेशक डॉ. संजय कचोट और उप सूचना निदेशक भावना वसावा का योगदान है। झांकी में झवेरचंदमेघाणी के गीत कसुंबी नो रंग की लय पर कलाकारों की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र होगी।
Updated on:
22 Jan 2026 10:08 pm
Published on:
22 Jan 2026 10:08 pm
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