गांधीनगर. आमजन की जनसमस्या का निपटारा करने के लिए राज्य सरकार की ओर से प्रारंभ किए गए स्वागत कार्यक्रम के बीते माह 20 साल पूरे हुए हैं। उसके बाद अब एक और योजना के दो दशक पूरे होने वाले हैं। गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्रभाई मोदी ने सरकार को मनोमंथन करने के लिए 2003 में चिंतन शिविर शुरू किए थे। इसी महीने इस चिंतन शिविर की पहल के भी 20 साल पूरे होगे। यह एक ऐसा शिविर, जिसमें मंत्री के साथ राज्य सरकार के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ इकट्ठा होकर राज्य की समस्याओं पर मंथन करते हैं। राज्य में विकास को ऊंचाई पर ले जाने के लिए विचारों का आदान-प्रदान करते हैं।समस्याओं का कोई ठोस निवारण लाने के लिए एक कार्ययोजना तैयार कर करते हैं।
केवडिया में 19 से होगा चिंतन शिविर
मुख्यमंत्री भूपेन्द्रभाई पटेल सरकार का चिंतन शिविर 19 से 21 मई के दौरान नर्मदा ज़िले में केवडिया स्थित स्टैच्यू ऑफ़ यूनिटी परिसर में आयोजित होने वाला है। इस चिंतन शिविर में मुख्यमंत्री सहित राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव, मुख्य सलाहकार, वरिष्ठ अतिरिक्त मुख्य सचिव, सचिव, प्रधान सचिव, ज़िला कलक्टर, ज़िला विकास अधिकारी (डीडीओ), महानगर पालिकाओं के आयुक्त, विभागीय प्रमुख सहित लगभग 230 महानुभाव हिस्सा लेंगे।
शिविर में मंथन करने को बनेंगे पांच समूह
चिंतन शिविर में पांच विषयों पर मनोमंथन होने वाला है, जिसमें स्वास्थ्य एवं पोषण, शहरीकरण एवं ढांचागत विकास, सरकारी व स्वायत्त संस्थानों के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण, शिक्षा में गुणात्मक सुधार तथा ग्रामीण क्षेत्रों में ढांचागत विकास एवं क्षमता निर्माण शामिल हैं। शिविर में सहभागी होने वाले अधिकारी पांच समूहों में बंट कर चर्चा सत्रों में शामिल होंगे। प्रत्येक समूह में 45 अधिकारी होंगे। अधिकारीगण चर्चा के अंत में अपने निष्कर्ष-अनुशंसाएं प्रस्तुत करेंगे।