
एसीपीडीसी।
Ahmedabad. डिप्लोमा इंजीनियरिंग (डीई) में बीते साल की तुलना में इस साल अलग ट्रेंड नजर आ रहा है। व्यावसायिक डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रवेश समिति (एसीपीडीसी) की ओर से सोमवार को डीई कोर्स के प्रथम वर्ष में प्रथम चरण के प्रवेश आवंटित कर दिए गए। इस साल डिप्लोमा इंजीनियरिंग की मुख्य ब्रांचों की डिमांड देखी गई है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सरकारी व अनुदानित कॉलेजों में मुख्य ब्रांचों की सीटें बीते साल की तुलना में ज्यादा भरी हैं।
केमिकल इंजीनियरिंग कोर्स में शत प्रतिशत 1050 सीटें पहले ही चरण में भर गई हैं। दूसरा स्थान मैकेनिकल इंजीनियरिंग का रहा, इसकी 3948 सीटों में से 99.44 फीसदी सीटें यानी 3926 सीटें भर गईं। तीसरे स्थान पर रही इलेक्टि्रकल इंजीनियरिंग ब्रांच। इसकी 3781 सीटों में से 98.78 यानी 3735 सीटें भर गईं। इलेक्ट्रोनिक्स एंड कम्युनिकेशन (ईसी) ब्रांच चौथे स्थान पर रही। इसकी 676 में से 636 यानी 94.08 फीसदी सीटें पहले ही चरण में भर गई हैं। कंप्यूटर इंजीनियरिंग ब्रांच इस साल पांचवें स्थान पर रही। इसकी 3000 सीटों में से 92.27 सीटें यानी 2768 सीटें पहले चरण में भरी हैं।
सिविल इंजीनियरिंग की 91.09 फीसदी सीटें, ऑटो मोबाइल इंजीनियरिंग की 86.16 फीसदी सीटें और आईटी की 74.76 फीसदी सीटें पहले चरण में भरी हैं। 2025 और 2024 की बात करें तो आइटी और केमिकल इंजीनियरिंग ब्रांच पहले स्थान पर थी। पहले चरण में इन दोनों ब्रांचों की शत प्रतिशत सीटें भर गई थीं, इस साल आइटी 74.76 फीसदी प्रवेश के साथ आठवें स्थान पर पहुंच गई है। हालांकि केमिकल पहले स्थान पर है। कंप्यूटर बीते दो सालों से शत प्रतिशत सीटों के साथ टॉप ब्रांच में थी, जबकि इस साल यह 92.27 फीसदी के साथ पांचवें पायदान पर पहुंच गई है।
एसीपीडीसी के अनुसार राज्य की 31 सरकारी, 5 अनुदानित और 114 निजी कॉलेजों में डीई की कुल 60020 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया की जा रही है। प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले 40766 में से 40175 को मेरिट में शामिल किया था। इसमें से 34474 ने पहले चरण में भाग लिया। इसमें से 30299 विद्यार्थियों को प्रवेश आवंटित किया गया है। सरकारी और अनुदानित संस्थानों की पहले चरण में 87.34 फीसदी सीटें और निजी कॉलेजों की 28.83 फीसदी सीटें भरी हैं।
एसीपीडीसी के सदस्य सचिव भास्कर अय्यर का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ) के आगमन और वैश्विक बाजार में मंदी के चलते आइटी और आइसीटी ब्रांच में असर देखने को मिला है। हालांकि गुजरात में सेमीकंडक्टर के बढ़ते मार्केट को देखते हुए ईसी ब्रांच की डिमांड बढ़ी है। बीते साल यह आठवें स्थान पर थी, जो इस साल चौथे स्थान पर पहुंच गई है। लोगों का मानना है कि एआइ के चलते आइटी में जॉब कम हैं। हालांकि यह ट्रेंड आगामी सालों में बदल भी सकता है। क्योंकि एआइ को सभी ब्रांचों की शिक्षा में शामिल किया जा रहा है।
पहले चरण में जिन्हें प्रवेश आवंटित किया है। ऐसे विद्यार्थियों को 17 जुलाई तक ऑनलाइन फीस भरकर प्रवेश कन्फर्म करना होगा। जीटीयू का डीई का शैक्षणिक सत्र 24 जुलाई से शुरू होगा।
Updated on:
13 Jul 2026 10:02 pm
Published on:
13 Jul 2026 10:01 pm
