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Gujarat: ऊंझा के जीरा और सौंफ को मिला ग्लोबल इंडीकेशन टैग

-जीआइ टैग मिलने से वैश्विक बाजार में बढ़ेगी विश्वसनीयता और निर्यात की संभावनाएं, किसानों, उत्पादकों और पारंपरिक कृषि विरासत को मिलेगा कानूनी संरक्षण
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Unjha jeera

ऊंझा जीरा को मिला जीआइ टैग का प्रमाणपत्र।

Ahmedabad. गुजरात के एक और पारंपरिक कृषि उत्पाद को वैश्विक पहचान मिली। उत्तर गुजरात के प्रसिद्ध मसाला उत्पाद महेसाणा जिले के ऊंझा के जीरा और ऊंझा की सौंफ को भारत सरकार की जियोग्राफिकल इंडिकेशन (जीआइ) रजिस्ट्री की ओर से प्रतिष्ठित जीआइ टैग प्रदान किया गया है। इसके साथ ही दोनों उत्पाद अब वैश्विक बाजार में अपनी विशिष्ट भौगोलिक पहचान और आधिकारिक ब्रांड के रूप में स्थापित होंगे।

गांव से ग्लोबल के संकल्प में अहम उपलब्धि: सीएम

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल टू ग्लोबल’ के विज़न के अनुरूप ऊंझा के जीरा और सौंफ को मिला जीआइ टैग ‘गांव से ग्लोबल’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह केवल एक सरकारी प्रमाणन नहीं है, बल्कि हमारे किसानों की अथक मेहनत, गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पादन, व्यापारियों के विश्वास और ऊंझा की समृद्ध कृषि परंपरा का सम्मान है। इससे दोनों उत्पादों को विश्व बाजार में विशिष्ट पहचान मिलेगी, वे अपनी अलग ब्रांड के रूप में स्थापित होंगे और गुजरात के कृषि उत्पादों की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई मजबूती मिलेगी।

टैग से बढ़ेगी ब्रांड वैल्यू और निर्यात क्षमता

जीआइ टैग मिलने के बाद ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ दोनों प्रमाणित भौगोलिक ब्रांड के रूप में स्थापित होंगे। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी तथा बेहतर मूल्य और निर्यात की संभावनाएं मजबूत होंगी। विशेषज्ञों के अनुसार जीआइ टैग प्राप्त उत्पाद सामान्य उत्पादों की तुलना में 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक बाजार मूल्य प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों की आय में वृद्धि के साथ स्थानीय कृषि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

सामूहिक प्रयासों से ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ को मिला टैग

ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ को जीआइ टैग दिलाने की प्रक्रिया विभिन्न संस्थाओं के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि में खेतीवाड़ी उत्पन्न बाजार समिति (एपीएमसी), ऊंझा, भारत सरकार, गुजरात सरकार के बागायत एवं किसान कल्याण विभाग, सरदारकृषिनगर दांतीवाड़ा कृषि विश्वविद्यालय (एसडीएयू) तथा भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआइआइ), गुजरात सहित विभिन्न संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मसाला व्यापार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि: पटेल

ऊंझा कृषि उपज मंडी समिति (एपीएमसी) के चेयरमैन दिनेश पटेल ने कहा, ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ को मिला जीआइ टैग ऊंझा के किसानों और मसाला व्यापार के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे दोनों उत्पादों की प्रामाणिकता और बाजार विश्वसनीयता को नई मजबूती मिलेगी।

देश की जीआइ सूची में सशक्त हो रही गुजरात की कृषि पहचान

भारत सरकार की जीआइ रजिस्ट्री में 400 से अधिक उत्पाद पंजीकृत हैं, जिनमें गुजरात के गिर केसर आम, भालिया गेहूं, कच्छी खारेक और अमलसाड़ी चीकू जैसे विशिष्ट कृषि उत्पाद शामिल हैं। अब ऊंझा जीरा और ऊंझा सौंफ के भी इस सूची में शामिल हुए हैं। इससे गुजरात के जीआइ टैग प्राप्त कृषि उत्पादों की श्रृंखला और सशक्त हुई है।