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Ahmedabad: रथयात्रा में पहली बार हाथियों पर रहेगी हाईटेक निगरानी

पुलिस कंट्रोल रूम और क्राइम ब्रांच इन सभी यूनिटों से मिलने वाले डेटा की लगातार निगरानी करेंगे। सिस्टम हाथियों की गति, जीपीएस लोकेशन और आसपास की तस्वीरें भी उपलब्ध कराएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य रथयात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति रोकना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और हाथियों को भी तनावमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है।
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Ahmedabad Rath yatra

फाइल फोटो।

Ahmedabad: पिछले वर्ष भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान खाडिया क्षेत्र में तेज डीजे की आवाज से एक हाथी के बेकाबू होने की घटना से सबक लेते हुए इस बार श्रद्धालुओं और हाथियों दोनों की सुरक्षा के लिए पहली बार अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

16 जुलाई को निकलने वाली 149वीं रथयात्रा में शामिल सभी 18 हाथियों पर डेसिबल मीटर और जायरोस्कोप युक्त विशेष यूनिट लगाई जाएगी, जिससे उनके व्यवहार और आसपास की स्थिति पर रियल टाइम निगरानी रखी जा सकेगी।इस बार आधुनिक तकनीक रथयात्रा में अपनाई जा रही है। हाथियों पर लगाए जाने वाली यूनिट में 360 डिग्री सीसीटीवी कैमरा, डेसिबल मीटर और जायरोस्कोप होगा। डेसिबल मीटर हाथी के आसपास ध्वनि का स्तर मापेगा। यदि शोर तय सीमा से अधिक होगा और हाथी के विचलित होने की आशंका बनेगी तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेजा जाएगा।

वहीं, जायरोस्कोप हाथी की गतिविधियों और संतुलन पर नजर रखेगा। यदि उसकी चाल या शरीर की गतिविधि में असामान्य बदलाव आता है तो इसकी जानकारी भी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाएगी। 360 डिग्री कैमरा हाथी के आसपास की भीड़ और गतिविधियों की निगरानी करेगा, जिससे किसी भी संभावित खतरे का समय रहते आकलन किया जा सके।

रथयात्रा मार्ग के 544 जर्जर मकानों पर निगरानी रखने वालों को दिया प्रशिक्षण

भगवान जगन्नाथ की 149वीं रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने रथयात्रा मार्ग पर स्थित 544 जर्जर और खतरनाक मकानों पर विशेष निगरानी की व्यवस्था की है। इन भवनों में कोई व्यक्ति प्रवेश न कर सके, इसके लिए प्रत्येक भवन पर कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और रिजर्व स्टाफ की तैनाती की गई है। रथयात्रा से पहले सोमवार को इन सभी कर्मियों को टेगोर हॉल में प्रशिक्षण देकर जिम्मेदारियों और सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।

मनपा के एस्टेट एवं अन्य संंबंधी विभागों की ओर से रथयात्रा मार्ग पर स्थित जर्जर एवं खतरनाक भवनों की पहचान कर विशेष सुरक्षा योजना तैयार की गई है। मध्यजोन के मनपा उपायुक्त के मार्गदर्शन में इन भवनों पर निगरानी के लिए कर्मचारियों, सुपरवाइजरों और रिजर्व स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि रथयात्रा के दौरान कोई भी व्यक्ति इन भवनों में प्रवेश न कर सके और किसी प्रकार की दुर्घटना की आशंका न रहे।