
रेमडेसिविर इंजेक्शन देने के बहाने ऑनलाइन ठगी: साइबर क्राइम ने म.प्र. से आरोपी को पकड़ा
अहमदाबाद. कोरोना के गंभीर मरीजों की जिंदगी बचाने में मददगार साबित हो रहे रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के चलते कालाबाजारी के साथ
ऑनलाइन ठगी भी हो रही है। ऐसे ही साइबर ठग अभिषेक गौतम (२७) को अहमदाबाद के साइबर क्राइम सेल ने मध्यप्रदेश के रीवा जिले के डभौरा थाना इलाके से धर दबोचा है। मध्यप्रदेश पुलिस की मदद से पकड़े गए आरोपी की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अब तक आठ लोगों को इस प्रकार से चपत लगा चुका है।
आरोपी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर रेमडेसिविर इंजेक्शन की प्री-बुकिंग के लिए मैसेज वायरल किया, जिसमें तीन घंटे में व्यक्ति के घर या अस्पताल में इंजेक्शन उपलब्ध कराने का दावा किया।
मैसेज को देखकर अहमदाबाद के खोखरा में रहने वाले अशोक मुदलियार (२७) ने उसकी कंपनी के मालिक के लिए इंजेक्शन खरीदने को संपर्क किया था। आरोपी ने खुद को जायडस कंपनी का अधिकारी बताते हुए एक इंजेक्शन के तीन हजार रुपए के हिसाब से छह इंजेक्शन के १८ हजार रुपए ऑनलाइन प्राप्त कर लिए उसके बाद अशोक के मोबाइल नंबर को ब्लॉक कर दिया। ना इंजेक्शन भेजा ना पैसे लौटाए।
डीसीपी ने खुद ग्राहक बनकर किया संपर्क
साइबर क्राइम के डीसीपी अमित वसावा ने खुद ग्राहक बनकर वायरल मैसेज में दिए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। उसके साथ चैट की और इंजेक्शन खरीदने के लिए पैसे ट्रांसफर करने कोजरूरी एकाउंट नंबर व ब्यौरा भी लिया। इस दौरान टेक्निकल टीम ने आरोपी का लोकेशन ट्रेस कर म.प्र.पुलिस की मदद से आरोपी को धर दबोचा।
पुष्टि किए बिना ऐसे मैसेज न करें फॉरवर्ड: डीसीपी
साइबर सेल डीसीपी अमित वसावा ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में इस प्रकार के मैसेज काफी वायरल होते हैं। लोग अन्य की मदद की मंशा से ऐसे मैसेज फॉरवर्ड करते हैं, लेकिन उसका लाभ ठग उठाते हंैं, जिससे जब तक पुष्टि ना हो तब तक ऐसे कोई वायरल मैसेज को फॉरवर्ड ना करें।
Published on:
24 Apr 2021 09:17 pm
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