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Ahmedabad: पड़ोसी के साथ की ऐसी हरकत कि पत्नी व पुत्र सहित पहुंचा हवालात

crime branch arrests 3 members of one family in theft case पड़ोसी के घर के बाहर से 12 लाख भरा बैग चुराया, एक ही परिवार के 3 सदस्य गिरफ्तार, -बैग से मिले रुपयों से कर्ज चुकाने, महंगी बाइक खरीदने की थी तैयारी, 2.58 लाख बरामद-कणभा पुलिस थाने में मंगलवार को दर्ज हुई प्राथमिकी, घर खरीदने को जुटाए थे पैसे

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Ahmedabad: पड़ोसी के साथ की ऐसी हरकत कि पत्नी व पुत्र सहित पहुंचा हवालात

Ahmedabad: पड़ोसी के साथ की ऐसी हरकत कि पत्नी व पुत्र सहित पहुंचा हवालात

Ahmedabad. पड़ोसी के घर के बाहर रखे 12 लाख रुपए की नकदी भरे बैग की चोरी करने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एक ही परिवार के तीन सदस्यों को पकड़ा है। इनके पास से 2.58 लाख रुपए बरामद किए हैं। क्राइम ब्रांच के अनुसार सूचना के आधार पर निकोल रिंगरोड पर रसराज जेकपोट पार्टी प्लॉट के पास से आरोपियों को पकड़ा है। इनमें प्रविण सेन (50) और प्रविण की पत्नी पारस सेन (45), प्रविण का पुत्र राजकुमार उर्फ राज सेन (29) शामिल हैं। यह सभी मूलरूप से राजस्थान के राजसमंद जिले की आमेठ तहसील के सरदारगढ़ गांव के रहने वाले हैं। अहमदाबाद शहर से सटे नरोडा के दहेगाम सर्कल के पास स्थित शिल्प सृष्टि फ्लैट में रहते हैं।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि 25 फरवरी की शाम को पांच-साढ़े पांच बजे प्रविण तीसरी मंजिल स्थित उसके फ्लैट से नीचे उतर रहा था। उसने देखा कि पहली मंजिल पर एक मकान के आगे एक बैग रखा है। उस बैग की प्रविण ने चोरी कर ली और उसे लेकर वह अपने घर चला गया। बैग के अंदर 12 लाख रुपए नकद थे। चोरी के इन रुपयों से प्रविण अपना कर्जा चुकाने और बेटे के लिए महंगी बाइक खरीदने की तैयारी कर रहा था। 2.58 लाख रुपए लेकर ये बाइक लेने जा रहे थे उसी समय इन्हें पकड़ लिया। इस बीच पता चला कि इस चोरी के संबंध में अहमदाबाद ग्राम्य के कणभा थाने में राकेश राठौड़ (38) ने प्राथमिकीदर्ज कराई है। जिसमें बताया कि वे शिल्पसृष्टि स्कीम में मकान लेने की तैयारी कर रहे थे। इसी फ्लैट में उनका भाई कनूभाई रहता था। मकान खरीदने के लिए राकेश ने फसल की बिक्री के 7 लाख और पाच लाख रुपए अन्य मिलाकर कुल 12 लाख रुपए बैग में लेकर वह गांधीनगर स्थित दशेला गांव से शिल्पसृष्टि फ्लैट स्थित भाई के घर पहुंचे थे। उन्होने जूते उतारने के लिए बैग मकान के बाहर रखा और अंदर घुस गए। शाम को ध्यान में आया कि बैग नहीं है। खोजने पर भी बैग का पता नहीं चला।

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