
IRCTC : ई-टिकट घोटाले का मुख्य आरोपी शिकंजे में
अहमदाबाद. रेलवे सुरक्षा बल (RPF) अहमदाबाद ने ई-टिकट (E-ticket) घोटाले के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह आरोपी पिछले कई दिनों से फरार था। आरोपी के खुलासे के बाद रेलवे ने 118 ई-टिकटें ब्लॉक कर दीं। आरोपी की ऑफिस की तलाशी लेने पर वहां से दो सीपीयू व ई-टिकटेंं जब्त कीं। आरोपी ने विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए ये टिकटें बुक की थी।
आरपीएफ - अहमदाबाद एवं अपराध शाखा ने ई- टिकटों के घोटाले का पर्दाफाश किया था, जहां से आरपीएफ टीम ने 4२६ ई-टिकटें जब्त की, जिसमें शनिवार को 83 ई-टिकटों को ब्लॉक कर दिया गया था जिसमें 450 से ज्यादा यात्री योगा एक्सप्रेस (Yoga express) से अहमदाबाद से हरिद्वार जाने वाले थे। ई-टिकटें ब्लॉक होने से 400 से ज्यादा यात्री ट्रेन में सफर नहीं कर सके। एजेन्ट ने ई-टिकटें बुक करने में विशेष सॉफ्टवेयर (special software) का उपयोग किया है। ई-टिकट घोटाले का भंडाफोड होने के बाद आरोपी फरार हो गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ - अहमदाबाद के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त सैयद सरफराज अहमद ने अलग-अलग टीमें बनाई थी। गत रात आरपीएफ टीम ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया। यह आरोपी खेड़ा का रहने वाला है, जिसमें आरपीएफ टीम ने अदालत में पेशकर रिमांड पर लिया। आरपीएफ निरीक्षक ग्रेसियस फर्नांडीज के मुताबिक आरोपी से मिले ब्योरे के बाद आईआरसीटीसी (IRCTC)को मेल किया, जिसमें 118 ई-टिकटों का ब्योरा मांगा। बाद इन ई-टिकटों को ब्लॉक करा दिया गया।
आरपीएफ को कई पीएनआर (PNR) संदिग्ध होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद बारीकी से जांच की जिसमें 426 पीएनआर संदिग्ध मिले थे, जिसमें 11,16,690 रुपए के टिकटें थे, जिसमें 139 ई-टिकटों पर सफर करना था। ये टिकटें 5,20,540 रुपए की हैं। जबकि 287 उपयोग किए गए ई-टिकटें थीं, जिनकी राशि 5,96,150 रुपए हैं।
Published on:
18 Sept 2019 10:10 pm
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