
देशभर में स्थापित होंगीं बालिका पंचायत: स्मृति ईरानी
भुज/अहमदाबाद. कच्छ जिले के कुनरिया गांव की तर्ज पर अब देशभर के गांवों में बालिका पंचायत स्थापित होंगी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर ऑनलाइन आयोजित कार्यक्रम में खुद केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने इसकी घोषणा की।
दरअसल कच्छ के कुनरिया गांव में संचालित बालिका पंचायत की सदस्य आनंदी छांगा ने देशभर के गांवों में बालिका पंचायत स्थापित करने का प्रस्ताव रखा था। स्मृति ईरानी को यह प्रस्ताव काफी पसंद आया। ईरानी ने कहा कि च्आनंदी के प्रस्ताव को वे स्वीकार करती हैं। देशभर में बालिका पंचायत स्थापित की जाएंगीं।ज्
१३ वर्ष की आनंदी ने गांव की बालिका पंचायत की ओर से की जा रही बच्चियों की शिक्षा, उनके स्वास्थ्य, कानूनी अधिकार, सुरक्षा, खेल-कूद की सुविधाओं पर कार्य करती है। बालिका पंचायत में सदस्यों का चयन भी गांव की बालिकाओं की ओर से मतदान के जरिए किया जाता है। फिर सरपंच व अन्य पदाधिकारी चुने जाते हैं, जिससे बालिकाएं मतदान प्रक्रिया और पंचायती राज व्यवस्था के नीति नियमों से भी परिचित होती हैं।
आनंदी ने बचपन से बालिकाओं को मंच उपलब्ध कराने व राजनीति में बालिकाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से समग्र भारत में बालिका पंचायत बनाने की मांग की।
स्मृति ईरानी ने बालिका पंचायत से अन्य को प्रेरणा लेने की बात की। उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं का समाधान बालिका पंचायत के जरिए हो सकता है। बालिका पंचायत की सरपंच भारती गरवा, कच्छ की कलक्टर प्रवीणा डी.के., कुनरिया के पूर्व सरपंच सुरेश छांगा भी ऑनलाइन कार्यक्रम में शामिल हुए।
ज्ञात हो कि कुनरिया गांव में २०२१ में बालिका पंचायत चुनाव हुए। गरवा भारती ११७ वोट से सर्वसम्मति से सरपंच चुनी गईं। कुनरिया की तरह ही कच्छ जिले के दो और गांव मस्का और अंगिया में भी बालिका पंचायत हैं। यहां क्रमश: विधि राजगोर व पूजा गरवा सरपंच चुनी गई हैं। बालिका पंचायत के चुनाव के माध्यम से गांव की बालिकाएं मतदान की प्रवृत्ति को जान पाई हैं। त्रिस्तरीय पंचायती राज में ५० प्रतिशत महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने में बालिका पंचायत का अनुभव उपयोगी होगा। प्रशासनिक प्रक्रिया में बालिकाएं भागीदार बनेंगीं। जिससे निर्णय लेने में वे सक्षम बनेंगीं।
Published on:
08 Mar 2022 10:53 pm
बड़ी खबरें
View Allअहमदाबाद
गुजरात
ट्रेंडिंग
