
ज्ञानशक्ति रेसिडेंशियल स्कूल, ज्ञानसेतु डे स्कूल और रक्षा शक्ति स्कूल में पहले वर्ष 53500 बच्चों को प्रवेश
Ahmedabad. जवाहर नवोदय विद्यालय (जेएनवी) और सैनिक स्कूल की तर्ज पर गुजरात सरकार ने भी गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने के लिए 50 ज्ञान शक्ति रेसिडेंशियल स्कूल, 25 ज्ञान शक्ति आदिवासी रेसिडेंशियल स्कूल और 10 रक्षा शक्ति रेसिडेंशियल स्कूल शुरू करने का निर्णय किया है। साथ ही 400 ज्ञान सेतु डे स्कूल भी शुरू होंगे। जून 2023-24 से शुरू होने जा रहे इन स्कूलों में पहले वर्ष (2023-24) में 53500 बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बेहतर बात यह है कि इन सभी स्कूलों में कक्षा 6 से लेकर 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी। राज्य के प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा सचिव डॉ. विनोद राव ने बताया कि सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर पांचवी कक्षा तक लगातार पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को मुफ्त में आवासीय स्कूल की गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के लिए ये स्कूल शुरू किए जा रहे हैं। इसमें सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं की भागीदारी है। शिक्षा की गुणवत्ता बरकरार रहे इसलिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीईटी) के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे। इस साल प्रवेश परीक्षा 27 अप्रेल को ली जाएगी। 53500 सीटों पर पहले साल प्रवेश दिया जाएगा, जिसके लिए 535169 विद्यार्थी प्रवेश परीक्षा देंगे। इसमें रक्षा शक्ति रेसिडेंशियल स्कूल की 3200 सीटों के लिए करीब 21225 बच्चों ने आवेदन किया है। पहले साल ज्ञान शक्ति रेंसिडेंशियल स्कूल में 15 हजार, ज्ञान शक्ति आदिवासी रेसिडेंशियल स्कूल में 7500 सौ और ज्ञान सेतु डे स्कूल में 30 हजार बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। यह परीक्षा हर साल आयोजित होगी। जिसमें रिक्त रहने वाली कक्षाओं जैसे कि सातवीं, आठवीं में भी बाद में प्रवेश दिया जाएगा।
120 वस्तुनिष्ठ प्रश्न वाली होगी परीक्षा
प्रवेश परीक्षा में 120 बहुवैकल्पिक वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे। हरप्रश्न एक अंक का होगा। हल करने को 150 मिनट मिलेंगे। गुजराती माध्यम में परीक्षा होगी। पांचवीं कक्षा के कोर्स पर आधारित प्रश्न होंगे। गणित (30 प्रश्न), गुजराती (20 प्रश्न), हिंदी-अंग्रेजी (20 प्रश्न), पर्यावरण विज्ञान (20), तार्किकता-सामान्य ज्ञान पर (30 प्रश्न)पूछे जाएंगे।
शिक्षक नहीं होंगे फाजल, ग्रांटेड स्कूल को भी ज्ञानसेतु डे स्कूल बनाने का मौका
राव ने बताया कि सरकारी और ग्रांटेड स्कूलों का कोई शिक्षक इन स्कूलों के खुलने से फाजल नहीं होगा। ना ही ग्रांटेड और सरकारी स्कूल बंद होंगे। उल्टा सरकारी प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा सुधरेगी। उनमें फिर से अभिभावक बच्चों को पढ़ाने को प्रेरित होंगे, क्योंकि 6 से 12 तक की गुणवत्ता युक्त शिक्षा मुफ्त में पाने के लिए सरकारी स्कूल में पहली से पांचवीं तक पढ़ना अनिवार्य है। हर स्कूल की ग्रेडिंग में भी यह शामिल किया जाएगा, जिससे सरकारी स्कूल के कितने बच्चों ने प्रवेश परीक्षा दी और कितने सफल हुए सुनिश्चित होगा। ग्रांटेड स्कूलों को भी ज्ञान सेतु डे स्कूल शुरू करने का मौका दिया जाएगा। जो वे दूसरे नाम से दूसरी पारी में शुरू कर सकेंगे।
Published on:
11 Apr 2023 10:35 pm
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