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गुजरात: सात सालों में 10 लाख महिलाओं की मददगार बनी 181 अभयम्

-हेल्पलाइन पर फोन आते ही पहुंचाई मदद -अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

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गुजरात: सात सालों में 10 लाख महिलाओं की मददगार बनी 181 अभयम्

गुजरात: सात सालों में 10 लाख महिलाओं की मददगार बनी 181 अभयम्

अहमदाबाद. राज्य में सात वर्ष पूर्व शुरू की गई 181 अभयम हेल्पलाइन के जरिए 10 लाख महिलाओं को संकट की घड़ी से उबारा गया। सातों दिन चौबीसों घंटे कार्यरत रहने वाली यह हेल्पलाइन वर्ष 2015 में शुरू की गई है। 'अभयम' योजना शुरू करने वाला गुजरात पहला राज्य बना था इसके बाद देश के कई राज्यों ने गुजरात मॉडल की तर्ज पर हेल्पलाइन शुरू की।
महिलाओं के लिए यह सेवा पायलट प्रोजेक्ट के अंतर्गत वर्ष 2014 में शुरू की गई थी। इसके बाद आठ मार्च 2015 को स्थायी रूप से इसे कार्यान्वित किया गया।
गुजरात सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग, गृह विभाग और जीवीके-ईएमआरआई के संयुक्त तत्वाधान में कार्यरत यह हेल्पलाइन पीडि़त महिलाओं को किसी भी समय किसी भी स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाती है। शारीरिक, यौन, मानसिक या वित्तीय मामले में उत्पीडऩ, हिंसा, कन्या भ्रूण हत्या, साइबर अपराध, वैवाहिक कलह और अन्य संबंधित विवाद में इस सेवा का उपयोग किया जाता है। इस तरह की परेशानियों में घिरी महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के साथ मार्गदर्शन के साथ-साथ दीर्घकालिक और अल्पकालिक परामर्श सेवाएं भी प्रदान की जाती हैं।

रेस्क्यू वाहन के साथ सुसज्जित है टीम
गुजरात जीवीके ईएमआरआई मुख्य परिचालन अधिकारी जसवंत प्रजापति के अनुसार अभयम की टीम रेस्क्यू वाहनों से सुसज्जित है। सात वर्षों में 181 अभयम के माध्यम से 990323 महिलाओं ने विकट स्थिति में मदद मांगी है। इनमें से 203225 महिलाओं को रेस्क्यू वाहन के साथ टीम ने काउंसलिंग दी है। जबकि 126473 महिलाओं को स्थल पर ही समाधान किया गया है। इसके अलावा 61443 महिलाओं को समस्या से निजात दिलाने के लिए रेस्क्यू किया गया और उन्हें पुलिस थाने, काउंसलिंग सेंटर, अदालत, अस्पताल तथा नारी गृह तक भेज कर सुरक्षा दिलाई गई। राज्य की 132827 महिलाओं ने 181 अभयम मोबाइल एप्लीकेशन डाउलोड किया है। उन्होंने कहा कि अनावश्यक फोन कॉल से परेशान 21693 महिलाओं को थाने पहुंचे बिना ही समस्या से निजात दिलाई गई।