3 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gujarat : चार माह में 3.30 लाख लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन

मोतियाबिंद अंधत्व मुक्त गुजरात अभियान गुजरात में प्रति घंटे किए 115 निशुल्क ऑपरेशन

2 min read
Google source verification
Gujarat : चार माह में 3.30 लाख लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन

Gujarat : चार माह में 3.30 लाख लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन

अहमदाबाद. Gujarat गुजरात में blindness अंधत्व से मुक्त करने के लिए सरकार की ओर से Cataract operation मोतियाबिंद अंधत्व मुक्त गुजरात अभियान चलाया जा रहा है। इसके अन्तर्गत प्रदेश में पिछले चार माह में 3.30 लाख लोगों के ऑपरेशन किए गए। इसका मतलब है कि राज्य के विविध अस्पतालों में प्रति घंटे 115 लोगों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल तथा स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात सरकार ने इस अभियान में सफलता हासिल की है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गुजरात में मोतियाबिंद ऑपरेशन कर जरूरतमंदों को नई दृष्टि देने की कवायद जारी है। राज्य के 22 जिला अस्पताल, 36 उप जिला अस्पताल, 22 मेडिकल कॉलेज, एक रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी (आरआईओ) और 128 पंजीकृत स्वयंसेवी संस्थाओं में मोतियाबिंद के निशुल्क ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत फेको इमल्सीफिकेशन तकनीक के माध्यम से मोतियाबिंद सर्जरी के बाद ऑपरेशन कराने वाले को 70 हजार से अधिक लागत वाले हाइड्रोफोबिक इंट्रोक्युलर लेंस मुफ्त दिए जाते हैं।

अंधत्व की दर को कम करना उद्देश्य

वर्ष 2025 तक अंधत्व की दर को कम कर 0.25 फीसदी तक ले जाना उद्देश्य है। मोतियाबिंद के कारण अंधत्व की दर 36 प्रतिशत है। इसके अलावा ग्लूकोमा, स्ट्रैबिस्मस, रेटिनल रोग, डायबिटिक रेटिनोपैथी जैसी कई समस्याएं हैं जो अंधत्व के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने गत फरवरी माह में पूरे राज्य में मोतियाबिंद अंधता मुक्त गुजरात अभियान की शुरुआत की है।


मोतियाबिंद के ऑपरेशन करने में गुजरात अग्रिम राज्य

गुजरात में पिछले 10 वर्षों में हर साल औसतन 7 लाख मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इस मामले में देश में गुजरात अग्रिम पंक्ति में है। प्रति 10 लाख आबादी पर 10000 से अधिक मोतियाबिंद ऑपरेशन किए गए। चार माह में किए गए 3.30 लाख ऑपरेशन में से 27 हजार ऐसे लोग हैं जिनके दोनों आंखों का ऑपरेशन किया गया। मोतियाबिंद का प्रभाव आमतौर पर 50 वर्ष की आयु के बाद होता है।

Story Loader