
Ahmedabad: आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद जवान महिपाल सिंह को नम आंखों से विदाई
Ahmedabad. जम्मू एवं कश्मीर के कुलगाम में दो दिन पहले चार अगस्त को आतंकवादियों से हुई मुठभेड़ में शहीद हुए जवान महिपाल सिंह वाला (27) को अहमदाबाद के लोगों ने नम आंखों से विदाई दी। मूलरूप से सुरेन्द्रनगर जिले की चूड़ा तहसील के मोजीदड़ गांव हाल सालों से अहमदाबाद शहर के विराटनगर में स्थित सदाशिव सोसायटी में स्थाई हुए महिपाल सिंह के पार्थिव शरीर को रविवार दोपहर को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लाया गया। वहां से उनके पार्थिव शरीर को विराटनगर स्थित उनके घर लाया गया। जहां सोसायटी के कॉमन प्लॉट में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। उनके अंतिम दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में अहमदाबाद के लोग उमड़े। महिपाल सिंह अमर रहो, भारत माता की जय, वंदेमातरम के नारों के बीच लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। विराटनगर से उनकी अंतिम यात्रा लीलानगर स्थित श्मशानगृह तक निकली। इस दौरान दो किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी लोगों की लाइन देखने को मिली। जगह-जगह महिपाल सिंह के फोटो वाले पोस्टर लगे थे। उनके फोटो वाली टीशर्ट पहने लोग नजर आए। विराटनगर में उनके घर के आसपास की दुकानों को लोगों ने स्वयंभू बंद रखा था। लीलानगर श्मशानगृह में रविवार की शाम को उन्हें सैन्य सम्मान दिया गया। गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। यहां महिपाल सिंह वाला का पार्थिव शरीर पंचतत्व में विलीन हो गए।
महिपाल सिंह वाला 34 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे। वे करीब 8 साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। जबलपुर , चंडीगढ़ के बाद छह महीने पहले ही जम्मू एवं कश्मीर में तैनात हुए थे।
सीएम, मंत्री, महापौर ने दी श्रद्धांजलि
आंतकियों से लोहा लेेते समय शहीद हुए महिपाल सिंह के अंतिम दर्शन करने व उन्हें श्रद्धांजलि देने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी विराटनगर पहुंचे थे। उन्होने शहीद के पार्थिव शरीर को श्रद्धांजलि दी। परिजनों को सांत्वना दी। उनके साथ मंत्री जगदीश विश्वकर्मा, महापौर किरीट परमार, विधायकगण उपस्थित रहे। इसके अलावा कांग्रेस के नेता शैलेष परमार, बिमल शाह, मनीष दोशी ने भी श्रद्धांजलि दी।
पत्नी के श्रद्धांजलि देते पहुंचते ही फफक पड़े लोग
शहीद के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन व श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर के बाहर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी थी। उस समय लोगों की आंखों में आंसू आ गए जब शहीद जवान की गर्भवती पत्नी अपने पति के अंतिम दर्शन करने और श्रद्धांजलि देने पहुंची। तीन साल पहले ही उनका विवाह हुआ था। महिपाल सिंह एक महीने पहले ही एक महीने की छुट्टी पर अहमदाबाद आए थे। इस दौरान गोद भराई की रस्म हुई थी। पत्नी को नौ महीने का गर्भ है। पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। वे अपनी संतान का चेहरा देखें उससे पहले ही शहीद हो गए।
Published on:
06 Aug 2023 10:44 pm
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