
Gujarat government : अब संस्कृत पाठशालाओं में तैयार करेगी 'पंडितÓ
गांधीनगर. राज्य सरकार के शिक्षा विभाग की ओर से संस्कृत पाठशालाओं को और मजबूती देगी। इसके जरिए 'पंडितÓ तैयार किए जाएंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग संस्कृत साधना के तहत संस्कृत भाषा, साहित्य, भारतीय संस्कृति और तत्वचिंतन के संवर्धन पर जोर दिया जाएगा। शिक्षा मंत्री जीतू वाघाणी ने ट्विट कर यह जानकारी दी।
मौजूदा समय में राज्य में 3 सरकारी और 34 अनिदानित और 9 स्ववित्तपोषी संस्कृत पाठशाला समेत 46 पाठशाला हैं, जिसमें प्रथमा में कक्षा 6, 7 और 8 के क्लास होंगे। पूर्व मध्यमा में कक्षा 9 और 10 तथा उत्तर माध्यमा कक्षा 11-12 तक के क्लास होंगे। इन सभी स्कूलों को पूरा अनुदान एवं रखरखाव अनुदान दिया जाएगा। वहीं शिक्षकों की नियुक्तियां केन्द्रीयकृत पद्धति से की जाएगी। वहीं अन्य विषय के लिए अल्पकालीन शिक्षकों की नियुक्ति का प्रावधान होगा। इन पाठशालाओं में यज्ञशाला, वैदिक गणित, खगोल विज्ञान और ज्योतिष लेबोरेटरी की सुविधा भी होगी।
प्रत्येक छात्रालय में विद्यार्थियों को वार्षिक 12 हजार फुडबिल सहायता दिया जाएगा। संस्कृत पाठशाला के विद्यार्थियों को यूनिफार्म, पुस्तक और स्टेशनरी और जीवनजरूरी वस्तुओं के लिए चार हजार रुपए तथा संस्कृत पाठशाला के ग्रंथालय संवद्र्धित करने और प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथों के रखरखाव और डिजाइटाइजेशन के लिए विद्यार्थियों की संख्या के हिसाबसे 25 हजार से 40 हजारर रुपए वार्षिक अनुदान दिया जाएगा। प्रथमा कक्षा यानी कक्षा 6, 7 और 8 के पाठ्यक्रम और परीक्षा का ढांचा गुजरात शैक्षणिक संशोधन प्रशिक्षण परिषद (जीसीईआरटी)- गांधीनगर के मुताबिक होगा।
वहीं पूर्व और उत्तर माध्यमा वर्गों के लिए पाठ्यक्रम और परीक्षा का ढांचागत गुजरात माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक बोर्ड- गांधीनगर के मुताबिक रहेगा। सभी संस्कृत पाठशालाओं को विद्यासमीक्षा केन्द्र से जोड़ा जाएगा।
Published on:
15 Oct 2022 08:42 pm

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