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प्रमुख स्वामी की जन्मभूमि चाणसद में 10 करोड़ की लागत से पर्यटन सुविधाओं की योजना

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प्रमुख स्वामी की जन्मभूमि चाणसद में 10  करोड़ की लागत से पर्यटन सुविधाओं की योजना

प्रमुख स्वामी की जन्मभूमि चाणसद में 10 करोड़ की लागत से पर्यटन सुविधाओं की योजना

वडोदरा. मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने कहा कि पवित्र यात्राधामों और पर्यटन के विकास में गुजरात देश का पथप्रदर्शक बनेगा। विश्व पर्यटन के नक्शे पर तेजी से उभर रहे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को देखने आने वालों की संख्या के 31 अक्टूबर तक 35 लाख को पार करने का अनुमान है। शनिवार को वडोदरा जिले की पादरा तहसील के चाणसद गांव में विकास कार्यों के भूमिपूजन अवसर पर उन्होंने यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) के दिवंगत प्रमुख स्वामी महाराज की जन्मभूमि चाणसद गांव में विकास की कई योजनाओं का भूमिपूजन किया। पर्यटन विभाग ने दस करोड़ रुपए की लागत से गांव में पर्यटन सुविधाओं के विकास की योजना बनाई है।
रूपाणी ने इसे पवित्र भूमि चाणसद के आदर्श विकास का प्रथम सोपान करार देते हुए कहा कि पवित्र यात्राधाम विकास की योजना में चाणसद और वड़ताल का समावेश किया गया है। चाणसद को विश्व पर्यटन मानचित्र में स्थान दिलाने को राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस गांव और परिवार में प्रमुख स्वामी जी जैसे महापुरुष जन्म लेते हैं, उसे देखने को पूरी दुनिया के लोग उत्सुक होते हैं।
स्वामी विवेकानंद ने जिस तरह शिकागो में आयोजित विश्व धर्म परिषद में संबोधन से दुनिया में भारत की ख्याति दिलाई उसी तरह दुनिया के अनेक देशों में मंदिरों का निर्माण कर प्रमुख स्वामी महाराज ने धर्म की ध्वजा फहराकर वैसी ही प्रसिद्धि दिलाई। अबू धाबी में निर्माणाधीन भव्य मंदिर उनके दिव्य प्रभाव का प्रमाण देता है।
सामाजिक जीवन में संत पर अटूट भरोसे का जिक्र करते हुए रूपाणी ने कहा कि गुजरात तपस्वी संतों और मुनियों की भूमि है और इन संतों की दिव्यता ने गुजरात को संस्कारी, सुरक्षित, आध्यात्मिक और चेतना युक्त बनाया है। संत समाज को सुखी और संपन्न बनाते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रमुख स्वामी ने लोगों के साथ रहकर, लोगों को साथ लेकर व्यक्ति और समाज में बदलाव लाकर उन्हें व्यसन मुक्त और स्वस्थ किया है। ऐसा काम सिर्फ संत ही कर सकता है। इस मौके पर उन्होंने बोचासणवासी अक्षर पुरुषोत्तम संस्था की व्यक्ति एवं समाज निर्माण तथा सेवा गतिविधियों की सराहना की।

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