4 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गर्मी का असर: एक मार्च से 9 अप्रेल तक इमरजेंसी की संख्या 32984, गत वर्ष से 7 फीसदी ज्यादा

हीट स्ट्रोक की 13, उल्टी दस्त की इमरजेंसी 25 फीसदी बढ़ी

2 min read
Google source verification
गर्मी का असर: एक मार्च से 9 अप्रेल तक इमरजेंसी की संख्या 32984, गत वर्ष से 7 फीसदी ज्यादा

गर्मी का असर: एक मार्च से 9 अप्रेल तक इमरजेंसी की संख्या 32984, गत वर्ष से 7 फीसदी ज्यादा

अहमदाबाद. गुजरात में इस वर्ष मार्च माह से ही गर्मी का जोर बढ़ गया जो वर्तमान अप्रेल माह में भी जारी है। शुरुआती गर्मी में ही इमरजेंसी की संख्या भी बढ़ी है। गर्मी से जुड़ी इन इमरजेंसी पर नजर डालें तो इस वर्ष एक मार्च से नौ अप्रेल तक 32984 इमरजेंसी दर्ज हुईं। गत वर्ष यह संख्या 30708 थी जो गत वर्ष की तुलना में 7.41 फीसदी ज्यादा है। अहमदाबाद में यह करीब 20 फीसदी बढ़ी है।गुजरात आपातकालीन एंबुलेंस सेवा 108 की ओर प्राप्त इमरजेंसी के आंकड़ों का हवाला देते हुए जन संपर्क अधिकारी विकास बिहानी ने बताया कि गुजरात में पेट दर्द से जुड़ी इमरजेंसी इस वर्ष एक मार्च से 9 अप्रेल तक यह संख्या 11260 रही जो गत वर्ष इसी अवधि में 10,100 थी। इस तरह इसमें 11.49 फीसदी की वृद्धि देखी गई।

इस समय अंतराल में राज्य में गर्मी के कारण सिरदर्द के आंकड़ों में भी 22 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। पिछले वर्ष एक मार्च से नौ अप्रेल तक सिरदर्द के 596 की तुलना में इस वर्ष 728 इमरजेंसी सामने आईं। हीट स्ट्रोक की 12 इमरजेंसी की तुलना में इस वर्ष 13 दर्ज हुई हैं, जो पिछले वर्ष से 8.33 फीसदी अधिक है। उल्टी-दस्त से जुड़ी इमरजेंसी भी 25 फीसदी से अधिक बढ़ी हैं। पिछले वर्ष 6357 मामलों की तुलना में इस वर्ष उक्त अवधि के दौरान 7960 इमरजेंसी सामने आईं हैं। हालांकि अचानक बेहोश होने और हाई फिवर के मामलों में पिछले वर्ष की तुलना में आंशिक कमी आई है।

इस माह के 9 दिनों में ही 7342 इमरजेंसी

गुजरात में अप्रेल माह के नौ दिनों में ही 7342 गर्मी से जुड़ी इमरजेंसी सामने आई। पिछले वर्ष इसी अवधि के नौ दिनों में यह मामले 6643 थे। इस वर्ष 11 फीसदी अधिक इमरजेंसी दर्ज हुईं हैं।

अहमदाबाद में 20 फीसदी अधिक

इमरजेंसी 108 एंबुलेंस के आंकड़ों के अनुसार अहमदाबाद में पिछले वर्ष पेटदर्द, अचानक बेहोश होना, सिरदर्द, हीट स्ट्रोक, हाई फिवर और उल्टी दस्त के कुल 7528 मामले दर्ज हुए थे। इस वर्ष 9032 दर्ज की गई है जो 19.98 फीसदी अधिक हैं।

(फाइल फोटो)