Gujarat high court, Pakistan citizen, Gujarat govt
अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से मूल पाकिस्तानी युवक को उसके वतन जाने देने के लिए सभी तरह की मंजूरी के निर्देश दिए हैं। हाईकोर्ट ने सूरत रेलवे पुलिस के पुलिस उपाधीक्षक से आगामी 29 अगस्त तक पाकिस्तानी युवक सज्जाद को अपने वतन वापस जाने के लिए जरूरी एनओसी देेने को कहा है। एनओसी मिलने के सात दिनों के भीतर फॉरेनर्स रिजलन रजिस्ट्रेशन ऑफिस को एक्जिट परमिट देना होगा।
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तानी उच्चायोग के साथ-साथ सज्जाद ने भी पाकिस्तान वापस जाने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
याचिका में कहा गया था कि सज्जाद वर्ष 2016 में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने सूरत आया था। उसे फर्जी नोट के मामले में गिरफ्तार किया गया। बाद में निचली अदालत ने इस मामले में उसे निर्दोष करार दिया। राज्य सरकार ने इस फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने भी उसे निर्दोष करार दिया। अब सज्जाद पाकिस्तान जाना चाहता है लेकिन सरकार की ओर से उसे अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं दिया जा रहा है। हाईकोर्ट के फैसले के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी उसे पाकिस्तान नहीं जाने दिया जा रहा। अब राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट में अपीलकरने की दलील दे रही है जबकि अपील करने की समस सीमा से नौ महीने ज्यादा बीत गए हैं। इसलिए प्रशासन को आदेश करते हुए सज्जाद को पाकिस्तान जाने के लिए एनओसी जारी किया जाए।
इसके बाद हाईकोर्ट ने सरकार से अपना पक्ष रखने को कहा जिसमें सरकार ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी और हाईकोर्ट के युवक को निर्दोष छोड़े जाने की बहाली दी। इसके बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने युवक को पाकिस्तान जाने देने की सभी प्रक्रिया कर उचित मंजूरी का निर्देश दिया।