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चाइल्ड फ्रेंडली थाने के लिए पीआई चौहान, शेख, महिला पीएसआई जादव पुरस्कृत

राज्य के 200 थानों को बनाया चाइल्ड फ्रेंडली

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Gujarat police

चाइल्ड फ्रेंडली थाने के लिए पीआई चौहान, शेख, महिला पीएसआई जादव पुरस्कृत

अहमदाबाद. गुजरात सरकार की ओर से पुलिस थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के लिए राज्यभर में पहल की गई। इसके तहत दो सौ थानों को पहले चरण में चाइल्ड फ्रेंडली बनाया गया है। जहां बच्चों के खेलने की सुविधा सुनिश्चित की गई।

इस पूरी पहल में सबसे बेहतरीन काम करने वाले तीन थानों के पुलिस निरीक्षक व पीएसआई को शुक्रवार को गांधीनगर में आयोजित समारोह में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने पुरस्कृत किया।
सम्मानित व पुरस्कृत होने वाले पुलिस अधिकारियों में पहला स्थान पाने वाले कच्छ पश्चिम के मुन्द्रा थाने के पीआई एम.एन.चौहान, दूसरा स्थान पाने वाले सूरत के चौकबाजार थाने के पीआई एस.बी.शेख और तीसरा स्थान पाने वाली भरुच महिला थाने की पीएसआई डी.डी.जादव शामिल हैं। इन तीनों ही ने थानों में बालकों के लिए बेहतरीन माहौल बनाया, जिसके चलते थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाने के उद्देश्य की पूर्ति होते दिखाई दी।
राज्य के 200 थानों को बनाया चाइल्ड फ्रेंडली
समारोह में उपस्थित सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव मनोज अग्रवाल ने कहा कि गुजरात में 22 लाख से ज्यादा बच्चे हैं।
गुजरात पुलिस के महिला सेल के एडीजीपी अनिल प्रथम ने कहा कि राज्य के २०० थानों को चाइल्ड फ्रेंडली बनाया है। थानों में आने वाले बालकों को बेहतर माहौल मिले इसके लिए थानों में खिलौने, बच्चों को प्रिय कलर और कलाकृतियों वाली दीवार को बनाया है।
समारोह में चंडीगढ़, हरियाणा, गोवा, पंजाब, छत्तीसगढ़, ओड़़ीशा, केरल के बाल आयोग के अध्यक्ष, बाल आयोग के सदस्य व बाल अधिकार संरक्षण के लिए काम करने वाली स्वयंसेवी संस्थाओं के सदस्य उपस्थित रहे।

'मासूम' एप पर शिकायत से बाल अपराध में तत्काल कार्रवाई: परमार
अहमदाबाद. गुजरात में बालकों के साथ होने वाले अपराध व अत्याचार के मामले में तत्काल कार्रवाई करने के लिए गुजरात सरकार ने 'मासूम' एप्लीकेशन लॉन्च की है।
इस एप पर कोई भी नागरिक बाल अत्याचार से जुड़ी शिकायत, उसका फोटो, वीडियो, ऑडियो अपलोड कर सकता है। एप्लीकेशन में शिकायत करने पर उसका लोकेशन भी आएगा, जिससे सरकार तत्काल राज्य के जिला स्तर के पांच सौ अधिकारियों को कार्रवाई करने के निर्देश देती है। राज्य स्तर पर इसका मॉनीटरिंग करने की भी व्यवस्था है।
शुक्रवार २८ सितंबर को गुजरात राज्य बाल संरक्षण आयोग के छठे स्थापना दिवस पर गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ईश्वर परमार ने इस एप्लीकेशन को लॉन्च किया।
उन्होंने दावा किया कि यह देश की इस संदर्भ में पहली मोबाइल एप्लीकेशन है। आम नागरिक गुजरात राज्य चाइल्ड प्रोटेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर जाकर एवं गुगल प्ले स्टोर से यह एप्लीकेशन डाउनलोड कर सकते हैं।
गुजरात राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष जागृति पंड्या, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव मनोज अग्रवाल, गुजरात पुलिस के महिला सेल के एडीजीपी अनिल प्रथम और यूनिसेफ गुजरात की डॉ.लक्ष्मी भवानी ने गुजरात राज्य में बाल अधिकारों के संरक्षण, बच्चों को उत्पीडऩ व अत्याचार से बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास और बालकों पर अत्याचार करने वालों पर हो रही कार्रवाई की सराहना की।