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गुजरात में फिर जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले केन्द्रीय मंत्री, 40 सभा करने की है योजना

Gujarat, vidhan sabha, election 2022, Minister devi singh chauhan, dr mahendra munjapara, sabha, 2022 विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी, ओबीसी बहुल क्षेत्रों में कर रहे यात्रा, मंत्री चौहान ने गांधीनगर, डॉ.मुंजपरा ने भावनगर में की सभा

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गुजरात में फिर जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले केन्द्रीय मंत्री, 40 सभा करने की है योजना

गुजरात में फिर जन आशीर्वाद यात्रा पर निकले केन्द्रीय मंत्री, 40 सभा करने की है योजना

अहमदाबाद. गुजरात में मुख्यमंत्री और पूरे मंत्रिमंडल को बदलने के बाद भारतीय जनता पार्टी अभी से ही आगामी 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुट गई है।
इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कुछ समय पहले जन आशीर्वाद यात्रा पूरी करने वाले गुजरात से केन्द्र में मंत्री बनाए गए देवूसिंह चौहान और डॉ. महेन्द्र मुंजपरा अब एक बार फिर से जन आशीर्वाद सभा कर रहे हैं। ये दोनों ही मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग के कोटे से आते हैं। ऐसे में राज्य के ओबीसी आबादी बहुल क्षेत्रों में इन दोनों ही मंत्रियों की ओर से करीब 40 जन आशीर्वाद सभाएं करने की योजना है।
जिसके तहत शनिवार को पाटण जिले से जहां देवूसिंह चौहान ने जन सभाओं का आगाज किया है वहीं महिला एवं बाल कल्याण राज्यमंत्री डॉ. महेन्द्र मुंजपरा ने अहमदाबाद जिले के विरमगाम से जन आशीर्वाद सभा का शुभारंभ किया है। रविवार को चौहान ने जहां गांधीनगर की कलोल विधानसभा के सांतेज गांव में जनसभा की वहीं डॉ मुंजपरा ने भावनगर जिले की उमराडा तहसील के धोळा गांव में सभा की।
मंत्रियों की ओर से अपनी इन जन आशीर्वाद सभा और यात्रा को जन आशीर्वाद यात्रा का द्वितीय चरण बताते हुए इसका चुनाव से कोई संबंध नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि वे केन्द्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने और जनता की ओर से दिए गए प्यार के लिए उनके बीच जा रहे हैं। पहले चरण को मिले बेहतर प्रतिसाद के चलते दूसरा चरण शुरू किया है।

7 साल में नहीं हुआ एक पाई का भी भ्रष्टाचार: चौहान
कलोल के सांतेज में जन आशीर्वाद सभा को संबोधित करते हुए केन्द्रीय संचार राज्यमंत्री देवूसिंह चौहान ने कहा कि 2014 से पहले देश हताश, निराश था। आए दिन भ्रष्टाचार और कौभांड की खबरें आती थीं। लेकिन आज पीएम नरेन्द्र मोदी के शासनकाल को सात साल हो गए हैं। एक पाई का भी भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। यह बताने आपके बीच आया हूं। उन्होंने कहा कि राजकीय दृढ़ इच्छाशक्ति हो तो सुशासन और पारदर्शी शासन दिया जा सकता है। यह इन सात सालों में पीएम मोदी ने कर दिखाया है।