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Gujarat के दस गांवों के बीच एक मोबाइल पशु डिस्पेंसरी

Gujarat, villages, mobile animal dispensary, CM rupani, ambulance : 108 मोबाइल डिस्पेंसरी को किया रवाना

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Gujarat के दस गांवों के बीच एक मोबाइल पशु डिस्पेंसरी

Gujarat के दस गांवों के बीच एक मोबाइल पशु डिस्पेंसरी

गांधीनगर. मुख्यमंत्री (Chief minister) विजय रूपाणी ने गांधीनगर (Gandhi nagar) में 108 मोबाइल पशु एम्बुलेंस (mobie animal dispensary) का लोकार्पण करते कहा कि राज्य में दस गांवों (villages) के बीच एक मोबाइल एम्बुलेंस होगी। ग्रामीण पशुपालकों को ऑन कॉल 1962 (call 1962) सेवा से 365 दिन सुबह 7 से शाम 7 बजे तक घर बैठे नि:शुल्क पशु चिकित्सा उपलब्ध होगी। प्रत्येक जीव को अभयदान हमारा मंत्र है, जो अबोल पशुओं की बेहतर चिकित्सा से साकार होगा।
मुख्यमंत्री रूपाणी ने राज्य की साढ़े तीन करोड़ पशु सम्पदा और समृद्धि को स्वास्थ्य रक्षा कवच उपलब्ध कराकर प्रत्येक जीव को अभयदान देने का मंत्र साकार करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि सर्वांगी विकास के लिए उद्योगों के साथ-साथ पशुपालन एवं खेती को भी अहमियत देकर श्वेत क्रांति और हरित क्रांति में भी स्वस्थ -समृद्ध पशुधन में अग्रसर होना है।
मुख्यमंत्री ने पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीण इलाकों के पशुपालकों को घर बैठे पशु चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए 108 मोबाइल पशु डिस्पेंसरी रवाना की। राज्य सरकार ने दस गांवों पर एक मोबाइल पशु दवाखाने की योजना जीवीके ईएमआरआई के जरिए जन निजीभागीदारी मोड में कार्यरत की है। राज्य में ऐसी 460 मोबाइल पशु दवाखाने कार्यरत कर 4600 से ज्यादा गांवों के पशुपालकों को घर बैठे यह सुविधा मिलेगी। इसके लिए पशुपालकों को 1962 टोल फ्री नंबर डायल करना होगा। इसके जरिए पशुओं का नि:शुल्क उपचार हो सकेगा।
रूपाणी ने कहा कि जो भी किसान गायों के गोबर से प्राकृतिक खेती करेंगे अर्थात् आर्गेनिक से एक कदम प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित होंगे उनको प्रति गाय हर माह 900 रुपए राज्य सरकार सब्सिडी देगी। मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती काफी उपयोगी होगी।
इस मौके पर पशुपालन मंत्री कुवरजी बावलिया ने कहा कि सभी वाहनों में जीपीएस सुविधा होगी। इसके चलते मुख्यमंत्री के डेशबोर्ड से रियल टाइम मोनिटरिंग भी हो सकेगी। साथ ही प्राकृतिक आपदा के समय भी यह सेवा जारी रहेगी। गुजरात देशभर में पहला राज्य है, जहां पशुओं के लए ऑन कॉल 1962 नंबर पर डायल करने से तत्काल सेवा उपलब्ध होती है। इस मौके पर कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पी.के.परमार, पशुपालन सचिव मनीष भारद्वाज, जीवीके ईएमआरआई के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर जसवंत प्रजापति और पशुपालन विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

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