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अहमदाबाद. कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 21 दिनों के पहले चरण के लॉकडाउन के दौरान अहमदाबाद शहर में निम्न आय वर्ग वाले परिवारों में से 74 फीसदी परिवारों ने नियमित आय अर्जित नहीं करने की बात कही।
आईआईएम-अहमदाबाद की ओर से दिहाड़ी मजदूर, श्रमिक, वैन, ऑटो, रिक्शा, बस चालक, दर्जी, राजमिस्त्री, स्टॉल लगाकर कई सामग्री बेचने वाले, सब्जी विक्रेता, क्लीनर आदि मुख्य आय स्त्रोत वाले के निम्न आय परिवारों के किए गए रैपिड सर्वेक्षण में इस बात का पता चला। इनमें से अधिकांश लोगों ने यह कहा कि या तो अपनी पूरी आय खो चुके हैं या फिर खो देंगे। इन्होंने भविष्य में आय को लेकर चिंता व्यक्त की। इन 52 फीसदी घरों में कम से कम एक बच्चा सरकारी स्कूल या आंगनबाड़ी में दर्ज है।
इन परिवारों ने यह भी बताया कि वे अगले महीने का किराया, फोन बिल, बिजली बिल, स्कूल फीस की अगली किस्त नहीं दे पाएंगे। कई लोगों ने यह भी कहा कि भोजन से जुड़ी खर्चों को पूरा करने के लिए उन्होंने अपने नियोक्ता या पड़ोसियों से कर्ज लिया।
394 परिवारों में 40 फीसदी से अधिक परिवारों ने बताया कि वे या उनके पड़ोसी लॉकडाउन होने के बाद भोजन या दवा की आपूर्ति से जुड़़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।