24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

घर में ही कांच के टुकड़ों से बना दिया मां अंबे का मंदिर

बाजार में मंदिर की कीमत ज्यादा थी

2 min read
Google source verification
घर में ही कांच के टुकड़ों से बना दिया मां अंबे का मंदिर

घर में ही कांच के टुकड़ों से बना दिया मां अंबे का मंदिर

दाहोद. शहर के मोटा डबगरवाड निवासी एक युवक ने घर में कांच के टुकड़ों से अंबे मां का मंदिर बनाया है।
शहर निवासी संपत देवडा के पुत्र विपिन देवडा घर में कांच के ग्लास पर नक्काशी कर बाजार में बेचने का कार्य करता है। घर में भगवान का मंदिर नहीं होने की वजह से वह एक दिन बाजार में तैयार मंदिर खरीदने गया था। तैयार मंदिर के दाम सुनकर वह चकित रह गया। नक्काशी के काम के दौरान टूटने वाले कांच के कुछ ग्लास टूटने के कारण उसने कांच के टुकड़ों पर नक्काशी कर मां अंबे का मंदिर तैयार किया। उसने इस मंदिर को अपनी दुकान में सजाया है। इसे देखने वाले सभी लोग मंदिर की तारीफ कर रहे हैं।

'जीवन की दुर्लभता को जानकर उसे सद्गुणों से भरने का प्रयास करेंÓ
गांधीधाम. तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण के शिष्य डॉ मुनि पुलकित कुमार ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति कभी भी गरीबी और दुख की स्थिति से बाहर नहीं निकल सकता है। सही मायने में नशा नाश का द्वार है, यह मनुष्य के मन की कमजोरी और विकृति को आकर्षित करता है इसलिए मनुष्य जीवन की दुर्लभता को जानकर उसे सद्गुणों से भरने का प्रयास करें।
जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा की गांधीधाम इकाई की ओर से गलपादर जेल में कैदियों के लिए नशा मुक्ति की प्रेरणा देने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने यह बात कही। उनके अनुसार योग और प्रेक्षा ध्यान प्रयोग जीवन को उन्नत बनाता है। मन की चंचलता पश्चाताप का कारण बनती है। इसलिए आवेश मुक्त जीवन जीने के लिए मनुष्य को अपने मन को संयमित रखने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कैदियों को नशा मुक्ति का संकल्प दिलाया।
इस मौके पर मुनि आदित्य कुमार ने भी गीत के माध्यम से महिला एवं पुरुष कैदियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके मनुष्य को दुव्र्यसनों से दूर रहना चाहिए। गलपादर जिला जेल के अधीक्षक वी.एल. परमार ने मुनियों का स्वागत किया। मुनि ने जेल परिसर का भ्रमण भी किया।
इस मौके पर इकाई के सह मंत्री जितेंद्र जैन (सेठिया) ने मुनि का परिचय दिया। इकाई के मंत्री राजू महेता, सह मंत्री सोहनलाल बालड, तेरापंथ महिला मंडल की गांधीधाम इकाई की मंत्री रेखा जैन, कोषाध्यक्ष सरिता भंसाली आदि मौजूद थे।
.............