
Ahmedabad News : 'महात्मा गांधी की ग्रामोत्थान की विचारधारा को करना है साकार'
वेरावल. गिर सोमनाथ जिले के आदर्श गांव बादलपरा में विकास कार्यों का लोकार्पण व शिलान्यास मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने किया। उन्होंने कहा कि गुजरात के गंावों को स्मार्ट व आदर्श बनाकर महात्मा गांधी की ग्रामोत्थान की विचारधारा को करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर के लोगों का मन भी गांवों में रहने का हो, ऐसी सुविधाएं गांवों में राज्य सरकार उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने कहा कि गिर सोमनाथ जिले का बादलपरा गांव सुविधाओं व सामुदायिक विकास के सामूहिक प्रयास व समरसता के कारण गुजरात को नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने कहा कि गिर की हिरण नदी के 11 किलोमीटर क्षेत्र में पानी की कटौती दूर करने का प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है, इसमें सरकार एक भी पैसा खर्च नहीं करेगी, कंपनियों के सहयोग से यह कार्य आगामी ग्रीष्म ऋतु में शुरू होगा, इसकी सफलता के बाद गुजरात में इसी प्रकार नदियों को गहरी करने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन के लिए साइक्लोन सेन्टर की डिजिटल पट्टिका का शिलान्यास किया। शहीद धानाभाई मांडाभाई बारड मेमोरियल सेन्टर, जशुभाई बारड आदर्श गांव बादलपरा प्रवेश द्वार, राहुल रामभाई बारड आदर्श ग्राम समाजवाड़ी, सार्वजनिक वाचनालय व बाल क्रिडांगन का लोकार्पण कर सभी प्रकल्पों की सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने हैल्थ एवं वेलनेस सेन्टर का लोकार्पण भी किया।
प्रदेश के पर्यटन व मत्स्योद्योग मंत्री जवाहर चावड़ा ने कहा कि बादलपरा गांव महिला सशक्तिकरण का आदर्श उदाहरण है। गुजरात विधानसभा में विपक्ष के नेता परेश धानाणी ने कहा कि वटवृक्ष समान इस गांव की छाया सभी को मिलेगी, शहर के नागरिक इस गांव में रहने के लिए प्रेरित होंगे। विधायक पुंजाभाई वंश, पूर्व विधायक अर्जुन मोढवाडिया, भागवताचार्य महादेवप्रसाद मेहता ने भी विचार व्यक्त किए।
बादलपरा गांव के निवासी भगवानभाई बारड ने गांव में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने के साथ ही सरकार के साइक्लोन सेंटर के लिए दो बीघा जमीन का दान करने का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा। सांसद राजेश चुड़ास्मा, पूनमबेन माडम, राज्य बीज निगम के चेयरमैन राजशी जोटवा, जिला पंचायत अध्यक्ष रैयाबेन जालोधंरा, विधायक विमल चुड़ास्मा, अमरीश डेर, भीखाभाई जोशी, हर्षद रीबडिय़ा, बाबुभाई वाजा, नगरपालिका अध्यक्ष मंजुला सुयाणी आदि भी मौजूद थे।
इसलिए खास है बादलपरा गांव
गिर सोमनाथ जिले के बादलपरा गांव में ग्राम पंचायत के चुनाव नहीं होते। सरपंच व सभी सदस्य और तलाटी-सचिव भी महिला है। गांव के लोक सेवक दिवंगत धानाभाई बारड परिवार की ओर से समाजसेवा के अनेक कल्याणकारी प्रकल्पों का निर्माण करवाया गया है। वर्षों से यह गांव संपूर्ण स्वच्छ व आदर्श गांव है। गांव के लोगों के सामूहिक प्रयासों से हरियाली है। पानी की हिफाजत हो रही है।
राज्य के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा के समान भी
बादरपरा गांव राज्य के अन्य गांवों के लिए प्रेरणा के समान भी है। सरस्वती व कपिला नदी के किनारे पर स्थित गांव में वाई-फाई सुविधा, सीसीटीवी कैमरों से केन्द्रीयकृत माइक प्रणाली उपलब्ध है। गांव व गांव की गलियों में पक्की सड़क व पांच हजार पौधों से यह गांव पर्यावरण मित्र बना है। वायु व ध्वनि प्रदूषण से मुक्त रहने के लिए पिछले तीन वर्षों से गांव में दिवाली व त्योहारों पर पटाखे नहीं फोड़े जाते। विवाह समारोहों में मात्र शहनाई व ढोल बजाए जाते हैं, विवाह समारोह में डी.जे. नहीं बजाया जाता।
प्रत्येक मार्ग पर नाम के साथ बच्चे रोपते हैं पौधे
गांव में प्रतिवर्ष बच्चे पौधे रोपते हैं। गांव के प्रत्येक मार्ग पर प्रत्येक मार्ग पर नाम के साथ बच्चे पौधे रोपते हैं और संवर्धन भी करते हैं। गांव में पिछले 10 वर्ष से महिला नेतृत्व है। सार्वजनिक तौर पर पान मसाला, बीड़ी, गुटके के सेवन पर गांव में प्रतिबंध है। वर्ष 2007 से खुले में शौच से मुक्त गांव बनने पर तत्कालीन राष्ट्रपति की ओर से निर्मल गांव का अवार्ड प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री के हाथों वर्ष 2011 में स्वर्णिम गांव पुरस्कार व वर्ष 2015 में स्वच्छ गांव का पुरस्कार भी दिया गया।
Published on:
14 Jan 2020 12:30 am

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