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गुजरात के प्रमुख बांधों में से 54 में नहीं रहा क्षमता का 10 फीसदी भी पानी

आठ बांध खाली स्थिति में

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गुजरात के प्रमुख बांधों में से 54 में नहीं रहा क्षमता का 10 फीसदी भी पानी

File photo

अहमदाबाद. प्रदेश में इन दिनों आग उगलती गर्मी के बीच बांधों में पानी की भी कमी आई है। राज्य के प्रमुख 206 बांधों में से 54 में क्षमता का 10 फीसदी भी पानी नहीं बचा है। जबकि आठ बांध पूरी तरह खाली स्थिति में हैं। हालांकि अभी भी राज्य के कुछ बांधों में जल संग्रह की स्थिति ठीक है। ओवर ऑल देखा जाए तो प्रमुख बांधों में क्षमता 49.38 फीसदी पानी बचा है।
गुजरात में जो बांध खाली हालत में हैं उनमें जूनागढ़ जिले का प्रेमपरा, पोरबंदर का अमीपुर और सारण, कच्छ का कालिया, बोटाद का भीमदाद, सुरेन्द्रनगर का निम्बमनी, अमरेली का सूरजवाड़ी और देवभूमि द्वारका जिले का सानी बांध हैं। इसके अलावा आठ बांध ऐसे हैं जिनमें क्षमता के मुकाबले एक फीसदी से भी कम संग्रह है। जबकि शून्य फीसदी से लेकर 10 फीसदी से कम संग्रह वाले बांधों की कुल संख्या 54 है। इनमें 41 बांध सौराष्ट्र रीजन के हैं। जबकि शेष बांध कच्छ और उत्तर गुजरात के हैं।

रीजन के आधार पर बांधों में जल संग्रह

प्रदेश के सरदार सरोवर समेत प्रमुख 207 बांधों में जल संग्रह की कुल क्षमता 25244.4 मिलियन क्यूबिक मीटर (एमसीएम) है। इसकी तुलना में 29 अप्रेल की स्थिति में इन बांधों में कुल मिलाकर 12465.62 एमसीएम जल संग्रह शेष रहा है, जो क्षमता का 49.38 फीसदी है। राज्य में जलसंग्रह के मामले में सबसे कमजोर स्थिति उत्तर गुजरात रीजन की है। इस रीजन के 15 बांधों में जलसंग्रह की क्षमता 1929.29 एमसीएम के मुकाबले फिलहाल 282.06 एमसीए ही पानी शेष रह गया है। यह 14.62 फीसदी है। दक्षिण गुजरात के 13 बांधों में जल संग्रह की क्षमता का 59.20 फीसदी संग्रह बचा है, राज्य में यह सबसे ज्यादा है। जबकि मध्य गुजरात के 17 बांधों में 43.38 फीसदी, सौराष्ट्र के 141 बांधों 36.25 फीसद, कच्छ रीजन के 20 बांधों में क्षमता का 19.34 फीसदी जल संग्रह ही बचा हुआ है।

नर्मदा बांध में 5070 एमसीएम पानी उपलब्ध

गुजरात के सबसे बड़े सरदार सरोवर (नर्मदा) बांध में फिलहाल 5070.18 एमसीएम पानी उपलब्ध है जो क्षमता के मुकाबले 53.60 फीसदी है। 138.68 मीटर की ऊंचाई वाले इस बांध का जलस्तर 120.84 मीटर है। जिसमें कुल जलसंग्रह की क्षमता 9460 एमसीएम है।

सात बांधों में 70 फीसदी व एक में 90 फीसदी से अधिक जल संग्रह

सौराष्ट्र में राजकोट जिले के आजी-2 बांध में क्षमता का 97.19 फीसदी जल संग्रह अभी भी है। यह बांध हाईअलर्ट पर है। इनके अलावा सात बांध ऐसे भी हैं जिनमें 70 फीसदी से अधिक जल संग्रह हैं। इनमें से महिसागर के वाणकबोरी बांध (70.63 फीसदी)को छोडकऱ सभी वार्निंग पर हैं। कच्छ के कालाघोघा बांध में 75.86 फीसदी, सुरेन्द्रनगर जिले के धोलीधजा बांध में 72.34 , गिरसोमनाथ के रावल बांध में 72.23, जूनागढ़ जिले के हसानापुर बांध में 70.67, भरुच जिले के धोली बांध में 70.5, राजकोट के आजी-1 में 70.02 फीसदी संग्रह उपलब्ध है।