पुलिस के साथ मिलकर स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरुकता शिविर, कार्यक्रम, रैली
अहमदाबाद. साइबर क्राइम के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए गुजरात तकनीकी विश्वविद्यालय (जीटीयू) की ओर से किए जा रहे कार्यक्रमों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने गुजरात में साइबर सुरक्षा कार्यक्रमों के लिए जीटीयू का चयन किया है।
बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए उठाए गए कदम की जानकारी देने के लिए गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों में साइबर सुरक्षा कार्यक्रम करने का निर्देश दिया है। इसके लिए संबंधित राज्यों की पुलिस के अलावा एक शैक्षणिक संस्थान को भी इसमें जोड़ा है। इसके तहत गुजरात के लिए जीटीयू का चयन किया है।
जीटीयू कुलपति डॉ. नवीन शेठ ने बताया कि विश्वविद्यालय की ओर से अब तक साइबर क्राइम के प्रति जागरुकता के करीब 100 कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हंै। राजकोट शहर पुलिस आयुक्त कार्यालय के साथ करार भी किया है। पुलिस के साथ मिलकर किए जा रहे कार्य को ध्यानार्थ रखते हुए गृह मंत्रालय ने जीटीयू का चयन किया है।
जीटीयू के कुलसचिव डॉ.के.एन.खेर ने बताया कि जल्द ही गुजरात पुलिस के साथ मिलकर साइबर सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्कूल, कॉलेजों एवं संस्थाओं में विद्यार्थियों एवं लोगों को साइबर क्राइम से बचने की जानकारी दी जाएगी और साथ ही रैलियां भी आयोजित की जाएंगी। साइबर अपराध से बचने के तौर-तरीकों के बारे में शिविर आयोजित कर, वीडियो, प्रजेन्टेशन के जरिए जागरुक किया जाएगा।
गृह मंत्रालय की ओर से वर्ष २१९-२० के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डेक) हैदराबाद एवं सभी राज्यों की पुलिस के साथ मिलकर साइबर सेफ्टी एंड सिक्योरिटी जागरूकता सप्ताह आयोजित करने को कहा है। इसके लिए शैक्षणिक संस्थाओं को भी जोड़ा है। जिसके तहत गुजरात में जीटीयू का चयन किया है।