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माइका छात्र की हत्या प्रकरण: आरोपी कांस्टेबल को पंजाब से लेकर आई क्राइम ब्रांच, घटनास्थल पर साथ रख की जांच

आरोपी ने कबूला अपराध, बोला, छात्र के अपशब्द कहने पर आवेश में आकर की हत्या

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अहमदाबाद शहर के बोपल इलाके में चाकू से वार कर माइका के छात्र प्रियांशु जैन (23) की हत्या के आरोप में गिरफ्तार आरोपी पुलिस कांस्टेबल विरेन्द्र सिंह पढेरिया (37) को पंजाब से गुरुवार को अहमदाबाद लाया गया। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की टीम ने सरखेज थाने में कार्यरत आरोपी कांस्टेबल को बोपल पुलिस को सौंपा। क्राइम ब्रांच और अहमदाबाद ग्रामीण एलसीबी की संयुक्त टीम ने पंजाब के संगरूर से बुधवार को पकड़ा था। बोपल पुलिस की टीम आरोपी को लेकर घटनास्थल पर पहुंची जहां जांच की गई। आरोपी ने घटनास्थल को चिन्हित कर बताया।

क्राइम ब्रांच के संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) शरद सिंघल ने संवाददाताओं को बताया कि आरोपी कांस्टेबल का कहना है कि छात्र ने उसे अपशब्द कहे थे, जिससे वह आवेश में आ गया था। इसके बाद चाकू से उसने हमला कर दिया जिसमें छात्र की मौत हो गई। आरोपी वारदात के समय कार में अकेला था। घटना के समय शराब पीने की जांच के लिए मेडिकल टेस्ट कराया जाएगा।

कपड़े बदलकर दूसरी कार में मित्र के साथ पंजाब भागा

प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी माइका के छात्र की हत्या करने के बाद घटनास्थल से कार लेकर बावळा के आदरोडा गांव स्थित अपने घर गया। वहां उसने कपड़े बदले और परिजनों से वैष्णो देवी जाने की बात कही। आरोपी ने कार को रास्ते में कहीं छिपा दिया और उसके एक ट्रेवेल्स संचालक मित्र से कार ली। इस दूसरी कार में अपने मित्र दिलीप सालवी (36) को लेकर वैष्णोदेवी जाने के लिए निकला। दिलीप ऑयल व्यापारी बताया जाता है। आरोपी यहां से राजस्थान के हनुमानगढ़, मंडी और पंजाब के जालंधर होते हुए संगरूर गया जहां से उसे पकड़ लिया गया।

300 सीसीटीवी खंगाले, कार के यूनिक फुट स्टेप, स्केच से मिली मदद

अहमदाबाद ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश जाट ने बताया कि घटना की गुत्थी सुलझाने के लिए शहर क्राइम ब्रांच, ग्रामीण पुलिस की 13 संयुक्त टीमें गठित की गई। टीम ने आसपास के 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले। 1200 कारों को चिन्हित कर उसमें से संदिग्ध 70 कारों की जांच की। एक सीसीटीवी में दिखी आरोपी की संदिग्ध कार के यूनिक फुट स्टेप और आरोपी के स्केच से इसे पहचानने में मदद मिली। इसके बाद ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल सपोर्ट से आरोपी को पक़ड़ लिया गया।

आरोपी का रहा है आपराधिक इतिहास

जेसीपी सिंघल ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। इस पर 2017 में कॉल सेंटर में लिप्तता का आरोप लगा था। 2022 में वरिष्ठ अधिकारी से दुर्व्यवहार का केस था। आरोपी 2023 में ही वापस ड्यूटी पर आया है। कुछ दिन पहले से यह बीमारी के बहाने से छुट्टी पर था।