
Gujarat news : राजकोट : फर्जी डिग्री प्रमाण पत्र लेने वालों में 50 लोगों के नाम सामने आए
राजकोट. शहर केे नानामवा रोड पर सौराष्ट्र एजुकेशन इस्ट्टीच्यूट के नाम पर पढ़ाई किए बगैर सरकारी मान्यता की डिग्री, डिप्लोमा समेत अलग-अलग ट्रेड का फर्जी प्रमाण पत्र बनाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ में नया खुलासा हुआ है। आरोपी ने नौकरी प्राप्त करने के इच्छुक 50 लोगों को फर्जी डिग्री का प्रमाण पत्र बना कर देने की बात कबूली है। इन लोगों में से पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है। अपराध शाखा ने सभी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
जानकारी के अनुसार पिछले 38 वर्षों से खुद को सरकारी मान्यता प्राप्त होने का गलत प्रचार कर फर्जी डिग्री का प्रमाण पत्र बनाने के मुख्य सूत्रधार को पुलिस ने रिमांड पर लिया है। शहर के नानामवा रोड पर शास्त्रीनगर के सामने रहने वाले और सौराष्ट्र इलेक्ट्रॉनिक्स इस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के नाम से अलग-अलग ट्रेड का डिप्लोमा, डिग्री आदि का फर्जी प्रमाण पत्र ओर बोनोफाइड प्रमाण पत्र, अंक तालिका आदि बनाकर देनेवाले आरोपी जयंती सुदाणी की अपराध शाखा ने गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि वह 3 हजार रुपए से लेकर 15 हजार रुपए लेकर अलग-अलग प्रमाण पत्र बनाकर देता था। पुलिस जांच में ऐसे 50 लोगों का पता चला है जिन्होंने आरोपी से फर्जी प्रमाण पत्र बनवाए हैं। पुलिस इन सभी को गिरफ्तार करने की कार्रवाई में जुट गई है। ये सभी गोंडल, चरखडी, धोराजी समेत सौराष्ट्र के विभिन्न शहरों के लोग हैं। इन नकली प्रमाण पत्र के आधार पर इन्होंने निजी कंपनियों में नौकरी प्राप्त की। बिना किसी सरकारी मान्यता और कोर्ष किए बगैर अलग-अलग डिग्री, डिप्लोमा का प्रमाण पत्र बनाकर देने के मामले के आरोपी जयंती सुदाणी की जूनागढ़ और जामनगर में उसके भाई की ओर से संचालित संस्थाओं की भी जांच की जा रही है। अपराध शाखा के डीसीपी पार्थराज सिंह गोहिल और एसीपी बी वी बसीया की सूचना और मार्गदर्शन के तहत अपराध शाखा के पीआई जे वी धोडा के साथ पीआई वाई बी जाडेजा और एसओजी के पीआई जे डी झाला व टीम सौराष्ट्र के अलग-अलग शहरों में फर्जी प्रमाण पत्र प्राप्त करने वालों की भी सूची तैयार कर उनके पूछताछ की कवायद में जुट गई है।
Published on:
12 May 2022 12:41 am
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