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अक्षय तृतीया पर 5 साधु-साध्वियों सहित 32 लोगों ने किया वर्षीतप का पारणा

श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, अहमदाबाद की ओर से अक्षय तृतीया पर वर्षीतप तपस्वी अभिनंदन एवं वर्षीतप पारणा महोत्सव का आयोजन किया गया।शाहीबाग िस्थत तेरापंथ भवन में 5 साधु-साध्वियों सहित 32 लोगों ने वर्षीतप का पारणा किया।

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श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, अहमदाबाद की ओर से अक्षय तृतीया पर वर्षीतप तपस्वी अभिनंदन एवं वर्षीतप पारणा महोत्सव का आयोजन किया गया।शाहीबाग िस्थत तेरापंथ भवन में 5 साधु-साध्वियों सहित 32 लोगों ने वर्षीतप का पारणा किया। मुनि सुव्रतकुमार ने प्रेरणा दी कि सभी अपनी शक्तिनुसार तपस्या करने का लक्ष्य रखें।

मुनि डॉ. मदनकुमार ने कहा कि भगवान ऋषभदेव ने कर्मयुग व धर्मयुग का प्रवर्तन किया। उन्होंने कुछ छोटे-छोटे संकल्पों की जानकारी देते हुए उन्हें स्वीकार कर अपनी चेतना को निर्मल बनाने की प्रेरणा दी।मुनि आकाशकुमार ने कहा कि इस युग की प्रथम तपस्या भगवान ऋषभदेव ने की। तपस्या में पुण्य की कामना ना हो सिर्फ निर्जरा की ही भावना हो।

मुनि विनितकुमार, मुनि मंगलप्रकाश, मुनि हितेंद्रकुमार, मुनि शुभमकुमार ने वर्षीतप की साधना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साध्वी सरस्वती ने भगवान ऋषभदेव के जीवन वृत्त, शुभलक्षण अतिशय आदि की जानकारी दी। वर्षीतप तपस्वी साध्वी नंदिता ने अपने संस्मरण व अनुभव बताए।

समणी अक्षयप्रज्ञा ने कहा कि अक्षय तृतीया का दिन अक्षय, अक्षुण है, इस दिन सर्वसिद्ध मुहूर्त माना गया है। साध्वी रामकुमारी के तपस्वियों के प्रति मंगलकामना के संदेश का वाचन अशोक सेठिया ने किया।सभा अध्यक्ष कांतिलाल चोरडिया ने सभी तपस्वियों की अनुमोदना की। सभा मंत्री विकास पितलिया ने सभी तपस्वियों का नामों उल्लेख किया।

तपस्वियों का स्मृति चिन्ह से सम्मान व अभिवादन

तेरापंथी सभा की ओर से सभी तपस्वियों का स्मृति चिन्ह से सम्मान व अभिवादन किया गया। वर्षीतप के अनेक साधक आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में अक्षय ऊर्जा प्राप्त करने छत्रपति शंभाजी नगर (औरंगाबाद) पहुंचे।सभी तपस्वियों ने मुनि, संत-साध्वियों को इक्षुरस के सुपात्र दान दिए। देकर लाभान्वित हुए। श्रद्धालुओं ने तपस्वियों को इक्षुरस से पारणा करवाया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक छीतरमल मेहता, दिनेश बालड, सुशील बछावत के साथ तेरापंथ युवक परिषद एवं तेरापंथ महिला मंडल के कार्यकर्ताओं ने सहयोग किया।