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कैशवेन ९८ लाख चोरी में एक और गिरफ्तारी

सीएमएस कंपनी से डॉक्यूमेंट करने थे गायब,२० प्रतिशत कमीशन हुआ था तय

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अहमदाबाद. वस्त्रापुर इलाके में राजपथ क्लब के पास कैशवेन से ९८ लाख रुपए चुराने के मामले में वस्त्रापुर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। क्राइम ब्रांच की ओर से उ.प्र.से पकड़े गए कैशवेन चालक सुधीर बघेल की पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वस्त्रापुर पुलिस ने एक और आरोपी को पकड़ा है।
वस्त्रापुर थाने के पुलिस निरीक्षक एम.एम.जाडेजा ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी चांदखेड़ा निवासी पीयुष परमार है। पीयुष सीएमएस कंपनी में ही नौकरी करता था। वह मुकेश उर्फ फौजी की ओर से सीएमएस कंपनी की कैशवेन से नकदी लूटने या फिर चुराने की योजना में शामिल था। मुकेश ने पीयुष को कैशवेन से नकदी लूटने या चोरी करने की घटना हो जाने के बाद सीएमएस कंपनी में से सुधीर बघेल के असली दस्तावेज व फोटो को गायब करने का काम सौंपा था, ताकि जांच शुरू हो तो सुधीर बघेल का कोई दस्तावेज पुलिस को ना मिले, जिससे उस तक पहुंचना संभव ना हो।
सुधीर की पूछताछ में सामने आया है कि इसके लिए पीयुष को लूटी या चोरी की गई राशि में से २० प्रतिशत का हिस्सा देने की बात मुकेश ने कही थी। लेकिन घटना हो उससे पहले ही पीयुष ने १६ फरवरी को सीएमएस कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। उसका कामकाज अच्छा नहीं था, जिससे कंपनी की ओर से पीयुष को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था। जिससे घटना के बाद वह सीएमएस कंपनी से सुधीर बघेल के दस्तावेज व फोटो को हटाने में सफल नहीं हो पाया। उसने कोशिश की है या नहीं और किसके जरिए की। इसकी जांच की जा रही है। इस खुलासे के आधार पर चांदखेड़ा निवासी पीयुष परमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पीयुष को भी अदालत ने दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा है।

बघेल को दस दिन का रिमांड
कैशवेन से ९८ लाख रुपए की चोरी में शामिल इसी कैशवेन को चलाने वाले उत्तरप्रदेश के इटावा जिले की सैफई तहसील के कूकपुर नगरिया गांव निवासी सुधीर उर्फ छोटे बघेल (२३) को क्राइम ब्रांच ने 24 दिन बाद गिरफ्तार किया। उसे वस्त्रापुर पुलिस को सौंप दिया। वस्त्रापुर पुलिस ने उसे सोमवार को रिमांड के लिए अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी सुधीर बघेल का 10 दिन का रिमांड मंजूर किया है। पुलिस ने मामले के जांच के सिलसिले में उ.प्र.जाने का कारण दर्शाते हुए रिमांड की मांग की थी। क्राइम ब्रांच की ओर से जब्त की गई चोरी में उपयोग में ली बाइक की भी बरामदगी करनी है। वह उ.प्र.में ही है।