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सर्दी की शुरुआत के साथ स्पाइस सिटी ऊंझा के कचरियु की बढ़ी मांग

महेसाणा जिले में स्थित है स्पाइस सिटी ऊंझा

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सर्दी की शुरुआत के साथ स्पाइस सिटी ऊंझा के कचरियु की बढ़ी मांग

सर्दी की शुरुआत के साथ स्पाइस सिटी ऊंझा के कचरियु की बढ़ी मांग

संकेत सिडाना
महेसाणा. सर्दी का मौसम शुरू होने के साथ ही जिले में स्थित स्पाइस सिटी ऊंझा में बनने वाले कचरियु की मांग बढ़ गई है।
जिले के ऊंझा का नाम विश्व की सबसे बड़ी एपीएमसी के कारण प्रसिद्ध है। यहां जीरा, सौंफ, तिल की उचित कीमत मिलने के कारण बड़ी मात्रा में आवक होती है। ऊंझा में एपीएमसी के कारण मुखवास की भी बड़े पैमाने पर बिक्री होती है।
उच्च गुणवत्ता वाले तिल की आवक अधिक मात्रा में होने के कारण सर्दी के मौसम में कचरियु का कारोबार भी बढ़ा है। इस कारण ऊंझा में सर्दी के मौसम की शुरुआत होने के साथ ही कचरियु की बड़ी संख्या में दुकानें भी खुल गई हैं।
गुणवत्ता के कारण प्रसिद्ध ऊंझा के कचरियु की मांग भी बढ़ी है। यहां का कचरियु उत्तर गुजरात के साथ ही मध्य गुजरात के वडोदरा, दक्षिण गुजरात के सूरत, नवसारी सहित गुजरात के हर जिले में प्रसिद्ध है।
व्यापारी मनीष मोदी व ग्राहक मनुभाई के अनुसार ऊंझा एपीएमसी में गुणवत्ता वाले तिल की आवक होने से अच्छा व स्वादिष्ट कचरियु लोगों को मिलता है। इस कारण ऊंझा के कचरियु की मांग और पहुंच पूरे गुजरात में है।

ऐसे होता है तैयार 'एनर्जी बूस्टर'

ऊंझा के कचरियु का नाम सुनते ही लोगों के मुंह में पानी आता है। तिल व गुड़ को समान मात्रा में एकत्र कर काजू, दाख (द्राक्ष), सूंठ के साथ मशीन से मिलाकर कचरियु तैयार किया जाता है। इसे एनर्जी बूस्टर भी कहा जाता है।