
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
पाटण. जिले की साइबर क्राइम पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत 16.65 करोड़ रुपए की ठगी के नेटवर्क का पर्दाफाश कर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें पाटण के मीरा दरवाजा क्षेत्र स्थित हर्षनगर सोसायटी निवासी निलेश राठौड़ के अलावा याकूब उर्फ मनु मंसूरी (51), भाविन पटेल (40), विशाल (29), मनोजकुमार उर्फ मनु (39), विजयसिंह ठाकोर (31), दिनेश उर्फ बरी (33), कनैयालाल (48), राजूजी ठाकोर (30) शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक परीक्षिता राठौड़ तथा पुलिस अधीक्षक वी.के. नायी के मार्गदर्शन में साइबर क्राइम पुलिस द्वारा म्यूल अकाउंट धारकों और बिचौलियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि पाटण के मीरा दरवाजा क्षेत्र स्थित हर्षनगर सोसायटी निवासी निलेश राठौड़ अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को रुपए का लालच देकर उनके नाम पर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाता था।
जांच में सामने आया कि खाते खुलवाने के बाद वह उनकी बैंकिंग किट, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में लेकर साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था, जिनका उपयोग देशभर में होने वाली ऑनलाइन ठगी और अवैध वित्तीय लेन-देन में किया जाता था। सूचना के आधार पर पुलिस ने निलेश राठौड़ के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान उसके पास से विभिन्न बैंकों की 41 पासबुक, 39 चेकबुक, 47 एटीएम कार्ड तथा 9 मोबाइल सिम कार्ड सहित महत्वपूर्ण सामग्री बरामद की गई।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निलेश राठौड़ पाटण जिले के लोगों से कमीशन का लालच देकर सेविंग और करंट अकाउंट प्राप्त करता था तथा इन खातों की बैंकिंग किट गोवा निवासी चेतन दशरथ ठक्कर को भेजता था। बताया जा रहा है कि चेतन ठक्कर पिछले चार वर्षों से इस अवैध नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और किराए पर लिए गए बैंक खातों का उपयोग साइबर अपराधों से जुड़े वित्तीय लेन-देन में करता था। निलेश के बाद पुलिस ने 8 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। फिलहाल पुलिस ने चेतन ठक्कर को गिरफ्तार करने के लिए जांच का दायरा बढ़ाते हुए कार्रवाई तेज कर दी है।
Updated on:
22 Jun 2026, 10:34 PM IST
Published on:
22 Jun 2026, 10:34 PM IST
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