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अंगदान महादान: 7 साल में 657 अंगदाताओं से दान में मिले 2039 अंग

राष्ट्रीय अंगदान दिवस पर विशेष, 2019 में सोट्टो के गठन के बाद पकड़ी रफ्तार

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Civil hospital

अहमदाबाद सिविल अस्पताल में ब्रेनडेड अंगदाताओं की तस्वीर लगाई जाती है। इसके लिए विशेष कक्ष बनाया गया है।

Ahmedabad. अंगदान महादान के क्षेत्र में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है। सात साल में 657 अंगदाताओं के 2039 अंगों का दान मिला है। यह सिलसिला अभी भी जारी है।

गुजरात के स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार के स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ राज्य के सामाजिक और स्वयंसेवी संगठन, मीडिया जनजागरूकता में सहयोग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने वर्ष 2019 में सोट्टो (राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन) का गठन किया। उसके बाद से अंगदान और अंग प्रत्यारोपण में गति आई है। लोगों में अंगदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है, अंगदान करने वाले परिवारों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है।

राज्य भर में अंगदान की बात करें तो बीते सात साल में 657 अंगदाताओं से 2039 अंग प्राप्त हुए हैं। इसमें से ज्यादातर का सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण भी किया जा चुका है, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिला है।

दान में मिले अंगों में सर्वाधिक किडनी

2019 से 30 जून 2025 तक दान में मिले अंगों में सबसे ज्यादा 1130 गुर्दे, 566 यकृत, 147 हृदय, 136 फेफड़े, 31 हाथ, 19 पेंक्रियाज और 10 छोटी आंतें प्राप्त हुई हैं।

गुजरात में अंगदान बना जन आंदोलन

स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने राष्ट्रीय अंगदान दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि जागरूकता, डॉक्टरों के प्रयासों, संगठनों के प्रयासों से अंगदान की पहल एक जन आंदोलन बन गई है। सरकार, समाज और धर्मार्थ संगठनों के प्रयास हैं कि राज्य में किसी भी जीवित व्यक्ति को किसी ज़रूरतमंद को अंगदान न करना पड़े। राज्य में अंग प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षा अवधि कम हो।