अहमदाबाद. पालनपुर. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात की 104वीं कड़ी में गुजरात की बनास डेयरी और भारतीय रेलवे की पहल की जानकारी दी।
मोदी ने कहा कि डेयरी सेक्टर हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण सेक्टरों में से एक है। हमारी माताओं और बहनों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाने में तो इसकी बहुत अहम भूमिका रही है ।उन्होंने कहा कि बनास डेयरी एशिया की सबसे बड़ी डेयरी मानी जाती है। यहां हर रोज औसतन 75 लाख लीटर दूध प्रोसेेस किया जाता है। इसके बाद इसे दूसरे राज्यों में भी भेजा जाता है। दूसरे राज्यों में यहां के दूध का समय पर वितरण हो, इसके लिए अभी तक टैंकर या फिर मिल्क ट्रेनों का सहारा लिया जाता था, लेकिन इसमें भी चुनौतियां कम नहीं थीं। एक तो लोडिंग और अनलोडिंग में समय बहुत लगता था और कई बार इसमें दूध खराब हो जाता था।
अब आधे समय में ही पहुंच रहा दूधइस समस्या को दूर करने के लिए भारतीय रेलवे ने एक नया प्रयोग किया। रेलवे ने पालनपुर से न्यू रेवाड़ी तक टैंकर ऑन ट्रैक की सुविधा शुरू की। इसमें दूध के टैंकरों को सीधे ट्रेन पर चढ़ा दिया जाता है। यानि परिवहन की बहुत बड़ी दिक्कत इससे दूर हुई है। इस सुविधा के नतीजे बहुत संतोष देने वाले रहे हैं। पहले जिस दूध को पहुंचाने में 30 घंटे लग जाते थे, वो अब आधे से भी कम समय में पहुंंच रहा है। इससे जहां ईंधन से होने वाला प्रदूषण रुका है, वहीं ईंधन का खर्च भी बच रहा है। इससे बहुत बड़ा लाभ टैंकरों के ड्राईवरों को भी हुआ है, उनका जीवन आसान बना है।
डेयरी के सीड बॉल प्रयास को भी सराहामोदी ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से आज हमारी डेयरियां भी आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ रही हैं। कुछ ही दिनों पहले उन्हें गुजरात की बनास डेयरी की एक दिलचस्प पहल के बारे में जानकारी मिली। बनास डेयरी ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी किस तरह से कदम आगे बढ़ाया है, इसका पता सीडबॉल वृक्षारोपण अभियान से चलता है।