26 मार्च 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रेलकर्मियों ने यात्री को लौटाए 1.10 लाख

ईमानदारी का परिचय दिया

2 min read
Google source verification
TTE

अहमदाबाद. अहमदाबाद से नईदिल्ली जानेवाली राजधानी एक्सप्रेस के ट्रेन अधीक्षक और उनकी टीम ने महिला रेलयात्री को 1.10 लाख रुपए और स्मार्टफोन लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया। इस ट्रेन में सफर करने वाली महिला उत्तरप्रदेश की मंत्री हैं।
हुआ यूं कि अहमदाबाद रेलवे स्टेशन से नईदिल्ली के लिए रविवार शाम स्वर्ण जयंती राजधानी रवाना हुई थी। ट्रेन के नईदिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने पर सभी यात्री जा चुके थे, लेकिन एच-1 कोच में सफर करनेवाली महिला यात्री अपना पर्स और मोबाइल भूलकर चली गई थी तभी राजधानी एक्सप्रेस के ट्रेन अधीक्षक नरेन्द्र मक्कड़ के पास कोच अटेण्डेन्ट प्रमोद कुमार आया और उसने एक काला पाउच और मोबाइल दिया। ट्रेन अधीक्षक मक्कड़ ने मोबाइल नंबर से यात्री का संपर्क किया। यह महिला यात्री उतरप्रदेश की खनन मंत्री अर्चना पाण्डेय थी, जो पर्स और मोबाइल ट्रेन में भूल गई थी। पर्स में 1,10,160/-रुपए नगद और एक स्मार्टफोन भी था। जानकारी मिलते ही अर्चना पांडेय के पुत्र आशीष पांडेय ट्रेन पर पहुंचे, जहां ट्रेन अधीक्षक नरेन्द्र मक्कड व उनकी जिसमें पवन यादव, एल. एन. शर्मा, ब्रिजेश शर्मा ने आशीष पाण्डेय को 1,10, 160 रुपए और स्मार्ट फोन लौटाया। इसके लिए आशीष पांडेय ने टिकट चेकिंग स्टाफ को उनकी ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा के लिए बधाई दी।

गांधीधाम-कामाख्या एक्सप्रेस में लगे एलएचबी कोच

गांधीधाम से कामाख्या एक्सप्रेस ट्रेन लिंक हुफमन बुश ऑफ जर्मनी (एलएचबी) कोच लगाए गए। इस ट्रेन में एलएचबी कोच तो लगा दिए गए हैं, लेकिन पांच जनरल कोच हटा दिए गए हैं।
एलएचबी कोच अत्याधुनिक तकनीक वाले हैं। कोचों में सीटों के संख्या भी ज्यादा है। हादसे के वक्त ये कोच एकदूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे नुकसान होने की संभावना कम होती है। ये कोच स्टेनलेस स्टील से बने हैं और आंतरिक साजसज्जा एल्युमीनियम की होती है। सामान्य कोचों की तुलना में ये कोच हलके होते हैं। एलएचबी कोच के साथ दौडऩे वाली इस ट्रेन में 18 कोच होंगे, जिसमें एक द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित, चार तृतीय श्रेणी वातानुकूलित, दस स्लीपर क्लास, एक पेन्ट्री कार और दो लगेज के साथ जनरेटर कार समेत 18 कोच होंगे। वहीं पहले इस ट्रेन में 23 कोच लगते थे, जिसमें एक द्वितीय श्रेणी, चार तृतीय श्रेणी, दस स्लीपर कोच और पांच सामान्य कोच समेच 23 कोच थे। अब पांच जनरल कोचों को हटाए जाने से सामान्य तबके लोगों को दिक्कत हो सकती है तो अलग से महिला कोच भी नहीं है।