मेहसाणा. जिले के विसनगर स्थित नूतन जनरल अस्पताल के चिकित्सकों ने रीढ़ की हड्डी संबंधित गंभीर रोग से जूझ रहे एक किशोर को नया जीवन दिया है। दरअसल 17 वर्षीय इस किशोर को चलने फिरने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इस तरह की सर्जरी निजी अस्पतालों में तीन से पांच लाख रुपए में होती है, लेकिन यहां सरकार की योजनाओं से निशुल्क हुई है।
मेहसाणा जिले की सतलासण तहसील के तालागढ़ गांव निवासी 10वीं का छात्र नीरव चौधरी (17) जन्म से ही रीढ़ की विकृति से ग्रस्त था। विकृति के साथ-साथ यह किशोर दर्द से इतना परेशान था कि वह आसानी से चल फिर भी नहीं सकता था। नीरव के पिता खेती कर गुजारा करते हैं। पिता ने अपने पुत्र का उपचार कई जगहों पर करवाया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। पिछले दिनों नीरव को विसनगर स्थित नूतन जनरल अस्पताल में ले जाया गया। जहां स्पाइन सर्जन एवं अहमदाबाद सिविल अस्पताल के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जयप्रकाश मोदी ने किशोर की मेडिकल जांच की। जिसमें यह किशोर काइफोस्कोलियोसिस नामक समस्या से ग्रस्त पाया गया। इस समस्या में रीढ़ की हड्डी काफी झुकी अवस्था में होती है। ऐसी स्थिति में डॉ. मोदी ने ऑपरेशन का निर्णय किया। गत 17 मार्च को डॉ. मोदी एवं उनकी टीम ने नीरव की सर्जरी की थी। जिसके दूसरे दिन से ही किशोर को आराम मिलना शुरू हो गया। अब बिना किसी दर्द के वह आसानी से चल फिर सकता है। डॉ. जयप्रकाश मोदी ने बताया कि इस तरह की सर्जरी निजी अस्पतालों में लाखों रुपए में होती है, लेकिन यहां सरकारी योजना के अंतर्गत सर्जरी निशुल्क की गई है।