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देश के सिविल डिफेंस, होमगार्ड चार्टर में होगा आमूल-चूल परिवर्तन: अमित शाह

20 साल बाद हुए सिविल डिफेंस, होमगार्ड के सम्मेलन में बोले केन्द्रीय गृह मंत्री, चार महीने में ही होगा बदलाव

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश के सिविल डिफेंस और होमगार्ड चार्टर में आमूल-चूल परिवर्तन किया जाएगा। चार्टर को और भी ज्यादा प्रासंगिक व उपयोगी बनाया जाएगा। इसमें मौजूदा और भावी समय की मांग को देखते हुए बदलाव होगा।

शाह ने यह बात मंगलवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 20 साल के बाद आयोजित 14वें सिविल डिफेंस (नागरिक संरक्षण) एवं होमगार्ड सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के दौरान कही। उन्होंने कहा कि चार माह में ही सिविल डिफेंस और होमगार्ड दोनों के चार्टर में समयानुकूल परिवर्तन कर कई नई बातें जोड़ी जाएंगी। इसे प्रासंगिक और उपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा। चार्टर स्पष्ट है कि लेकिन इसमें भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बदलाव किया जाएगा।

50 साल तक बदलाव नहीं तो अप्रासंगिक हो जाता है संगठन, चार्टर

शाह ने कहा कि यदि किसी संगठन व उसके चार्टर में 50 साल तक परिवर्तन नहीं होता है, तो वह संगठन और चार्टर अप्रासंगिक हो जाता है। 50 सालों में कई तकनीकी परिवर्तन आए हैं। ये दोनों संगठनों के स्वयंसेवक आपदा प्रबंधन, ट्रैफिक समस्या हल करने से जुड़ सकते हैं। इसके लिए ट्रेनिंग और सामुदायिक मानसिकता, आपदा प्रबंधन के चार्टर में इन स्वयंसेवकों की भूमिका की स्पष्टता जरूरी है।

चार्टर के नए रोडमैप में ये पहलू होंगे शामिल

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि इस चार्टर के लिए नड रोडमैप में आपातकालीन सेवाओं में योगदान, यातायात प्रबंधन में संस्थागत व्यवस्था, नशामुक्त भारत, स्वच्छ भारत अभियान, जल संरक्षण सहित कई बातें शामिल हैं। इसके लिए ट्रेनिंग और योग्य व्यवस्था की जरूरत है। उन्होंने दोनों संगठन से जुड़े स्वयंसेवकों को अपने अहम सुझाव देने की अपील की।

दो दशक तक नहीं हुआ सम्मेलन

शाह ने कहा कि 20 साल के बाद यह सम्मेलन यह शुरू हुआ है। इसमें उनका भी दोष है, क्योंकि पांच साल तक वे भी मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। होमगार्ड और सिविल डिफेंस को महत्व के हिसाब से तवज्जो नहीं मिली। सिविल डिफेंस और होमगार्ड के आय में समय के साथ वृद्धि होनी चाहिए। इन संगठनों का मूल भाव सेवा का है।

युद्धों में निभाई अहम भूमिका, कोरोना में सेवा

शाह ने कहा कि इन दोनों संगठनों ने कई युद्धों में अहम भूमिका निभाई है। कच्छ में हवाई पट्टी पर बमबारी और हमले पर फिल्म भी बनी है लेकिन उसमें इनकी भूमिका को नहीं बताया गया। हकीकत में, भुज की बहनों की ट्रेनिंग का काम होमगार्ड और सिविल डिफेंस के लोगों ने किया था। कोरोना महामारी में जनसेवा करते हुए 27 होमगार्ड और सिविल डिफेंस के स्वयंसेवकों की मौत हो गई।