5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

कांकरिया जू में लाए गए नए दो मादा बाघ और छह तेंदुए

अहमदाबाद शहर के मणिनगर क्षेत्र स्थित कांकरिया प्राणी संग्रहालय में दो मादा बाघ और छह तेंदुए लाए गए हैं। इन्हें तीन ट्रकों के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा के वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर से यहां लाया गया है।

less than 1 minute read
Google source verification

File photo

अहमदाबाद शहर के मणिनगर क्षेत्र स्थित कांकरिया प्राणी संग्रहालय में दो मादा बाघ और छह तेंदुए लाए गए हैं। इन्हें तीन ट्रकों के माध्यम से महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा के वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर से यहां लाया गया है। नागपुर से लाए गए इन दो बाघ और छह तेंदुओं को एक माह तक क्वारेंटाइन में रखा जाएगा, इसके बाद इन्हें दर्शकों के देखने के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। छह नए तेंदुओं में तीन मादा और तीन पुरुष हैं।महानगरपालिका संचालित कांकरिया प्राणी संग्रहालय के अधीक्षक डॉ. शर्व शाह एवं अन्य 10 अधिकारी व कर्मचारी गुरुवार को तीन ट्रकों में सुरक्षा इंतजाम के साथ इन वन्य प्राणियों को लेकर अहमदाबाद पहुंचे। नियमों के मुताबिक इन्हें एक माह तक पिंजरों में ही रखा जाएगा, इसके बाद दर्शकों के समक्ष रखा जाएगा। इनके साथ ही कांकरिया के प्राणी संग्रहालय में जीव जंतुओं की संख्या 2100 से अधिक हो गई है। इनमें सभी तरह के पक्षी, सरीसृप व अन्य जीव-जंतु शामिल हैं।

प्राणी संग्रहालय के मुख्य आकर्षक

एक नर शेर व दो शेरनी के अलावा सफेद मादा समेत चार मादा बाघ, नौ तेंदुए (चार नर व पांच मादा), एक रीछ, एक हाथी, दो हिपोपोटेमस, नौ (लोमड़ी), बड़ी संख्या में सरीसृप व पक्षी हैं। फिलहाल 2100 से अधिक जीव-जंतु हैं जिन्हें देखने के लिए लोग कांकरिया प्राणी संग्रहालय आते हैं।

125 से अधिक नागपुर भी भेजे गए प्राणी

महानगरपालिका के अनुसार कांकरिया स्थित प्राणी संग्रहालय से बड़ी संख्या प्राणी, जीव-जंतु नागपुर के गोरेवाड़ा स्थित वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर भेजे गए हैं। कांकरिया में हर वर्ष वन्यजीव, जंतुओं का जन्म होता है। केंद्र सरकार की गाइड लाइन के अनुरूप इन प्राणियों को भेजा गया है। भेजे गए प्राणियों में कॉमन लंगूर, कोकेटिल, हिरण, केटल इग्रेट, अजगर, बतख, रोजी पेलकिन, स्पूनबिल, नाइट हेरोन समेत सवा सौ से अधिक वन्यजीव, पक्षी व सरीसृप भेजे जा चुके हैं।