गुजरात में 50 हजार महिलाओं को ट्रान्सप्लान्ट की जरूरत
अहमदाबाद. शहर के सिविल अस्पताल कैंपस में इंस्टीट्यूट ऑफ किडनी डिसिज एंड रिसर्च सेंटर (आईकेडीआरसी) में रविवार को एक ही दिन में दो विवाहिताओं के गर्भाशय के प्रत्यारोपण कर दिए गए। यह सेंटर देश का सबसे सस्ता गर्भाशय ट्रान्सप्लान्ट का अस्पताल हो गया है। देश का यह पहला सरकारी अस्पताल है जहां गर्भाशय का ट्रान्सप्लान्ट होने लगा है। गुजरात में 50 हजार महिलाओं को ट्रान्सप्लान्ट की जरूरत है।
आईकेडीआरसी में दो सफल गर्भाशय के ट्रान्सप्लान्ट होने के बाद अस्पताल के निदेशक डॉ. विनीत मिश्रा ने बताया कि अस्पताल में वैसे तो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के अन्तर्गत गर्भाशय ट्रान्सप्लान्ट की सुविधा निशुल्क है। इसके अलावा जिन लोगों के पास यह योजना नहीं है उन्हें भी देश में सबसे सस्ती दरों पर गर्भाशय के ट्रान्सप्लान्ट की सुविधा उपलब्ध है। देश में जन्म लेने वाली लगभग पांच हजार बालिकाओं में जन्म से ही गर्भाशय की खामी होती है। इसके आधार पर देखा जाए तो अकेले गुजरात में ही 50 हजार महिलाओं को यह खामी है। इस तरह की महिलाएं गर्भाशय के प्रत्यारोपण से मातृत्व सुख पा सकती हैं।
निजी अस्पताल में 20 लाख रुपए तक का खर्च
डॉ. विनीत मिश्रा का कहना है कि वैसे तो देश दुनिया में कुल 93 ही गर्भाशय ट्रान्सप्लान्ट हुए हैं और अधिकांश निजी अस्पतालों में किए गए हैं। देश में पुणे के ही निजी अस्पताल में अब तक नौ ट्रान्सप्लान्ट हो पाए हैं। निजी अस्पताल में गर्भाशय ट्रान्सप्लान्ट का खर्च लगभग 20 लाख रुपए तक है, जबकि आईकेडीआरसी में यह खर्च साढ़े तीन लाख रुपए के आसपास रहेगा। पीएमजेएवाई योजना में यह सुविधा निशुल्क है। इस तरह से इस सेंटर में देश का सबसे सस्ता प्रत्यारोपण संभव है।