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वडोदरा : गति शक्ति विश्वविद्यालय में उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन

एयरबस के साथ साझेदारी में सतत एयरोस्पेस अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य वडोदरा. गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) की ओर से जीएसवी में एयरबस के साथ साझेदारी में सतत एयरोस्पेस अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया गया।2024 में घोषित इस केंद्र […]

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एयरबस के साथ साझेदारी में सतत एयरोस्पेस अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने का उद्देश्य

वडोदरा. गति शक्ति विश्वविद्यालय (जीएसवी) की ओर से जीएसवी में एयरबस के साथ साझेदारी में सतत एयरोस्पेस अनुसंधान, नवाचार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया गया।
2024 में घोषित इस केंद्र का उद्घाटन एयरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक जुर्गन वेस्टरमेयर ने जीएसवी की सदस्य शुभांगिनीराजे गायकवाड़, कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज चौधरी की उपस्थिति में किया।
इस केंद्र का उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास के माध्यम से भारत के एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इस सह-शिक्षा केंद्र का एक प्रमुख केंद्र सतत विमानन ईंधन पर अनुसंधान एवं विकास करना और भविष्य की एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों में छात्रों के नेतृत्व वाले नवाचारों को समर्थन देना होगा।

ठोस अपशिष्ट को सतत विमानन ईंधन में परिवर्तित करने पर केंद्रित

जीएसवी में यह केंद्र अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार के प्रति एयरबस की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है, जो नगरपालिका के ठोस अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू) को सतत विमानन ईंधन (एसएएफ) में परिवर्तित करने जैसी अभूतपूर्व तकनीकों पर केंद्रित है।

छात्रों को प्रदान करेगा आवश्यक कौशल

इस अवसर पर जुर्गन वेस्टरमेयर ने कहा कि हमें खुशी है कि एयरबस और जीएसवी के बीच यह सहयोग छात्रों को समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकास का नेतृत्व करने, भारत के भविष्य के विमानन परिदृश्य को आकार देने और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करेगा।
जीएसवी के कुलपति प्रो. चौधरी ने कहा कि यह केंद्र देश में एयरोस्पेस क्षेत्र के विकास के लिए हमारे साझा मिशन और साझेदारी को साकार करने की दिशा में एक और ठोस कदम है। इसके अतिरिक्त एयरबस चेयर प्रोफेसरशिप और एयरबस छात्रवृत्ति की स्थापना के लिए पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं।
2024 से एयरबस और जीएसवी ने भारत में एक एकीकृत एयरोस्पेस इकोसिस्टम के आधारभूत तत्वों को परिपक्व करने के उद्देश्य से एक समग्र साझेदारी स्थापित की है। इस सहयोग में मेधावी और वंचित 45 छात्रों के लिए पूर्ण छात्रवृत्ति कार्यक्रम के माध्यम से मानव पूंजी विकास के लिए एक महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता शामिल है, जिसमें एक तिहाई छात्रवृत्तियां महिलाओं के लिए आरक्षित हैं। शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए, एयरबस ने स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक कार्यकारी कार्यक्रमों के विकास में सहयोग के लिए जीएसवी में एयरोस्पेस अध्ययन के लिए एक चेयर प्रोफेसर का पद भी स्थापित किया है।