
Ahmedabad News विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनकर जल्द होने वाला है तैयार,Ahmedabad News विश्व का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनकर जल्द होने वाला है तैयार
उपेन्द्र शर्मा
अहमदाबाद. गुजरातियों की सोच वाकई कुछ अलग और बड़ा करने की रहती है। अब गुजरात वालों ने दुनिया का सबसे बड़ा क्रिकेट स्टेडियम बनाकर तैयार कर लिया है। करीब १०० दिन बाद मार्च २०२० में इस में पहला मैच होगा। इस में एक साथ एक लाख १० हज़ार लोग मैच देख सकेंगे। इससे पहले मेलबोर्न (ऑस्ट्रेलिया), इडन गार्डन (कोलकाता) और लॉर्ड्स (लंदन) के स्टेडियम में करीब ९० हज़ार लोग एक साथ मैच देख पाते हैं। उम्मीद है भारत में होने वाले क्रिकेट विश्व कप २०२३ का फाइनल मुकाबला २६ मार्च २०२३ को यहीं खेला जाएगा।
हालांकि कुछ लोग इस पर स्यापा कर सकते हैं कि इसकी क्या जरुरत थी, इससे कितने लोगों को रोजगार मिला, इसकी लागत में ना जाने क्या क्या हो जाता आदि...पर गुजरातियों के खून में है कि वो लोगों के कहने से ज्यादा खुद के करने पर ज्यादा ध्यान देकर दूसरी चीज़ों की परवाह नहीं कर अपना काम करते रहते हैं।
इसकी लागत ७०० करोड़ रुपए है। यह पहले सरदार पटेल मोटेरा स्टेडियम के नाम से जाना जाता रहा है। अब भी नाम वही रहेगा। भारतीय संस्कृति में स्थान विशेष की प्रधानता पर खास जोर रहा है। इस स्टेडियम की भूमि में भी शायद ऐसा ही कुछ 'शुभ' है। यहां हरियाणा हरिकेन कपिल देव ने ४३४ वाँ टेस्ट विकेट (हसन तिलकरत्ने) लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। यहीं सुनील गावस्कर दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे जब उन्होने टेस्ट क्रिकेट में १० हज़ार रन बनाये थे। फ़िर जगत लाडले सचिन तेंदुलकर ने भी यहीं अपना पहला दोहरा शतक भी ठोका था। इसके अलावा भारत ने विश्व कप २०११ के क्वार्टर फायनल में औस्तेरिल्या को हराकर २२ वर्षों से विजयी चला आ रहा उसका रथ रोक लिया था।
मैदान पर ११ पिच बनाये गए हैं और ड्रेनेज़ सिस्टम कुछ इस तरह का है कि बारिश रुकने पर ३० मिनट के बाद मैच खेला जा सकेगा। हाल ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने यहां का दौरा किया है।
मैं राजस्थान से हूं और यह महसूस करता हूं कि राजस्थान गुजरात से विकास में अभी करीब १५-२० वर्ष पीछे है। पड़ौस वाले मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश आदि की भी यही स्थिति है। राजस्थान में तो करीब १० वर्ष होने को है कोई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच हुए ही नहीं हैं। जयपुर के बाहर जोधपुर में तो मैच हुए संभवतः १५ वर्ष हो गए हैं। बाकि शहरों में तो स्टेडियम या तो है ही नहीं या फ़िर सिर्फ ट्रेड फेयर, १५ अगस्त-२६ जनवरी, कोन्ग्रेस-भाजपा की रैलियों के लिए काम में आते हैं।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन लम्बे अर्से से ऐसे लोगों की सरपरस्ती में रहा है कि राज्य में क्रिकेट पनपने के बजाए मर गया। अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव गहलोत इसके अध्यक्ष बने हैं, उम्मीद है वे राजस्थान क्रिकेट के बिगड़ चुके ढांचे को सुधारेंगे। हाल ही उन्होने गांगुली दादा से मुंबई में मुलाकात भी की है और जयपुर जोधपुर का दौरा भी किया है। जल्द वहां मैच कराने के लिए प्रयासरत हैं। वे युवा हैं अगर क्रिकेट के अराजनीतिक पिच पर कुछ अच्छा कर पाए तो उनकी लोकप्रियता में इजाफा होगा और राजनीतिक पिच पर बैटिन्ग आसान रहेगी वरना उन्हें वहां फ़िर नए सिरे से 'गार्ड' लेना पड़ेगा।
खैर फिलहाल गुजरात धरा पर भारत के नाम विश्व का सबसे बड़ा स्टेडियम खड़ा करने का रिकॉर्ड बन गया है आगे आगे देखिये कौन कौन से रिकॉर्ड खेल में यहां बनेंगे और टूटेंगे.....।
Published on:
06 Dec 2019 10:31 pm
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