
वडोदरा में नवलखी मैदान पर 12,000 लोगों ने किया संगीतमय जाप
अहमदाबाद. वडोदरा. राजकोट. दाहोद. पालीताणा. जैन इंटरनेशनल ट्रेड आर्गेनाइजेशन (जीतो) की ओर से बुधवार को गुजरात में 28 जगह पर विश्व नवकार महामंत्र दिवस मनाया गया। पूरे विश्व के कल्याण एवं जगत में शांति के लिए वडोदरा में नवलखी मैदान पर आयोजित कार्यक्रम में 12,000 लोगों ने संगीतमय तरीके से नवकार मंत्र का जाप किया। आचार्य रत्नाचलसूरि और पंन्यास पद्मदर्शनविजय सहित गोंडल संप्रदाय की साध्वी प्रबोधिकाबाई, अनन्या, शुभम, विशुद्धि सहित साधु-संतों की निश्रा में कार्यक्रम आयोजित हुआ।
जैन समाज के नेता दीपक शाह ने बताया कि जैन संगीतकार भाविक मेहता, दीप शाह, ऋषभ दोशी और जयेश चूड़गर ने भक्तिमय नवकार मंत्र गायन से सभी को भावविभोर किया। हितेश शाह ने आत्मरक्षा मंत्र विधान कराया।
कार्यक्रम के संयोजक प्रशांत शाह और जीतो के अध्यक्ष पोखराज दोशी ने कार्यक्रम आरंभ किया। कार्यक्रम में मुम्बई से जियो एपेक्स के चेयरमैन डॉ. घेवरचंद बोहरा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आचार्य रत्नाचलसूरि एवं पंन्यास पद्मदर्शनविजय ने आरंभ में मांगलिक सुनाया। दिलेश मेहता ने गुरुवंदना की। बिंदिया शाह ने नवकार मंत्र से सभी में भक्ति का संचार किया। कार्यक्रम में शहर की पुलिस उपायुक्त पन्ना मोमाया भी विशेष रूप से शामिल हुईं।
राजकोट. जीतो की ओर से शहर के हेमू गढ़वी हॉल में सामूहिक नवकार महामंत्र का जाप किया गया। पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, विधायक डॉ. दर्शिता शाह के साथ बड़ी संख्या में जैन समुदाय के लोग शामिल हुए।
दाहोद. भारतीय जैन संगठन की ओर से एक पार्टी प्लॉट पर आयोजित कार्यक्रम में विधायक कनैयालाल किशोरी, नगरपालिका अध्यक्ष नीरज देसाई सहित जैन समुदाय के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
पालीताणा. भावनगर जिले के पालीताणा में तलेटी रोड पर गिरिराज सोसाइटी स्थित शांताबा आयम्बिल भवन में सामूहिक नवकार मंत्र कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जैन आचार्य, साधु-साध्वी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने नवकार महामंत्र का जाप किया।
पालनपुर. श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य महाश्रमण बुधवार को इन्दरवा नवा गांव से लगभग 12 किलोमीटर का विहार कर बनासकांठा जिले के भाभर में स्थित रघुवंशी देसी लोहाना महाजनवाडी पहुंचे। आचार्य महाश्रमण ने कहा कि नवकार महामंत्र में पांच प्रकार की विशिष्ट आत्माओं को नमन किया गया है। इनमें अर्हत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और सर्व साधु होते हैं। पांच पदों के मध्य में आचार्य होते हैं। तीर्थंकर के प्रतिनिधि कहलाते हैं। संघ का नेतृत्व करना आदि अनेक जिम्मेदारी निभाते हैं। वे तीर्थंकर की वाणी के प्रवक्ता होते हैं। उपाध्याय वे हैं जो आगमों के अध्ययन-अध्यापन में रत रहने वाले होते हैं, ज्ञानमूर्ति, विद्यामूर्ति होते हैं। लोक के समस्त साधुओं को जो साधना करने वाले होते हैं, पांच महाव्रतों का पालन करने वाले साधुओं को नमस्कार किया गया है। ये पांच प्रकार की विशिष्ट आत्माएं होती हैं। इस नवकार का अपना महत्व है। नवकार मंत्र प्रचलित पाठ है। उन्होंने नमस्कार महामंत्र का जाप भी कराया।
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, अहमदाबाद उत्तर की ओर से आचार्य महाश्रमण के शिष्य मुनि पारसकुमार, मुनि लक्ष्यकुमार, मुनि ध्यानमूर्ति के सानिध्य में नवकार मंत्र जाप का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक लोगों ने भाग लिया तथा सामूहिक सामायिक एवं नवकार मंत्र का जप किया गया। मुनि ने नवकार मंत्र का महत्व बताते हुए सभी को प्रतिदिन नवकार मंत्र का जाप करने को प्रेरित किया।
Published on:
09 Apr 2025 10:25 pm
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