
आरआरयू के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एनएसए अजीत डोभाल को डॉक्टरेट की मानद उपाधि प्रदान की।
Ahmedabad. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि युवा शक्ति ही देश के सुरक्षित और उज्जवल भविष्य का आधार है। वे मंगलवार को गांधीनगर स्थित राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के पांचवें दीक्षांत समारोह संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार उपस्थित रहे।
राष्ट्रपति ने कहा कि आज सुरक्षा केवल सीमाओं और पारंपरिक हथियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और कूटनीति भी परंपरागत शक्ति जितनी महत्वपूर्ण हो चुकी है। उन्होंने कहा कि मौजूदा डिजिटल युग में साइबर क्राइम, फिशिंग अटैक, डेटा सुरक्षा जैसे नए खतरे देश के लिए बड़े खतरे बनकर उभरे हैं। यह वास्तविक चुनौती हैं। ऐसे में आरआरयू जैसी संस्थाओं की जिम्मेदारी और महत्व कई गुना बढ़ जाती है, क्योंकि देश की सुरक्षा का सुचारू संचालन अब आधुनिक तकनीकी कौशल पर निर्भर है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत रक्षा उपकरणों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ठोस प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे तकनीकी रूप से सक्षम पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यकता है, जो साइबर अपराधियों को पकड़ सकें और न्यायालय में ठोस सबूत प्रस्तुत कर सकें।
गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने युवाओं से देशभक्ति के संकल्प के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा मिशन में जुड़ने का आह्वान किया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने छात्रों को राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करने को प्रेरित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिक्षा को केवल व्यक्तिगत विकास नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का आधार मानते हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंडी संजय कुमार ने कहा कि आज का दिन केवल डिग्री प्राप्त करने का नहीं बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और न्याय प्रणाली के संरक्षक बनने का संकल्प लेने का है। आरआरयू के कुलपति डॉ. बिमल पटेल ने संस्थान की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंसबनाने का संकल्प दोहराया।
समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी के कुल 562 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। राष्ट्रपति ने अंत में सभी छात्रों से सुरक्षित, न्यायपूर्ण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना सर्वोत्तम योगदान देने का आह्वान किया।
राष्ट्रपति ने छात्राओं की उपलब्धियों पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बेटियां इंजीनियरिंग और सुरक्षा क्षेत्र में पदक जीतकर विकसित भारत की सशक्त तस्वीर पेश कर रही हैं।ये रक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने को तैयार हैं।
Updated on:
14 Apr 2026 11:10 pm
Published on:
14 Apr 2026 11:09 pm
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