
जेएलएन अस्पताल में कड़ी सुरक्षा में उपचार के लिए लाया गया हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली हाथ जोड़कर गुहार लगाते हुए। पत्रिका
अजमेर@ पत्रिका. घुघरा स्थित हाई सिक्योरिटी जेल में जयपुर के हार्डकोर अपराधी इमरान उर्फ मोगली ने मंगलवार सुबह बैरक में अपने ही सेल के दरवाजे पर सिर दे मारा। घटना में वह खुद को बुरी तरह लहूलुहान कर बैठा और उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। उसको जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सिविल लाइंस थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
यहां जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में उपचार के लिए आए इमरान उर्फ मोगली का हंगामा जारी रखा। उसने इलाज करवाने के दौरान जमकर विरोध किया, पुलिसकर्मियों को उपचार करवाने में खासी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान मोगली ने आरोप लगाया कि जेल में उसके साथी हार्डकोर बंदी उसे बैरक में लगातार परेशान करते हैं। उसने जेल प्रशासन पर भी भेदभाव करने का गम्भीर आरोप लगाया।
मोगली ने इस पूरी घटना और अपनी शिकायतों को लेकर प्रकरण में मुकदमा दर्ज करने की भी मांग की। घटना की सूचना मिलते ही सिविल लाइंस थानाप्रभारी शम्भूसिंह शेखावत, कोतवाली थाने का जाप्ता भी अस्पताल पहुंचा। उन्होंने मोगली से बातचीत कर उसे शांतिपूर्वक व्यवहार करने की समझाइश की। थानाप्रभारी शेखावत की समझाइश के बाद मोगली के सिर की चोट का उपचार करवाया जा सका। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि इमरान उर्फ मोगली की ओर से कोई औपचारिक शिकायत प्राप्त होती है, तो नियमानुसार मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
जेल प्रशासन के मुताबिक इमरान उर्फ मोगली जयपुर का कुख्यात हार्डकोर अपराधी है। उसे मार्च में श्रीगंगानगर जेल से हाई सिक्योरिटी जेल में सिफ्ट किया गया है। वह पूर्व में भी हाई सिक्योरिटी जेल में रह चुका है। वह अपनी अवैध मांगों को पूरा करने के लिए अपने आपको नुकसान पहुंचा लेता है। वह पहले भी नाखूनों से खुद को घायल कर चुका है।
अस्पताल में इलाज के लिए आए इमरान उर्फ मोगली ने कहा कि जेल के जेलर समेत अजमेर के कुख्यात अपराधी धनसिंह व गैंगस्टर बलवाराम जाट सहित अन्य कैदी उसे प्रताड़ित कर रहे हैं। उसको जेल की बैरक में आत्महत्या करने के लिए उकसाया जा रहा है। डकैत धनसिंह समेत अन्य अपराधियों को सारी सुविधा दी जाती है जबकि उसके साथ मारपीट कर पक्षपात किया जा रहा है।
इमरान उर्फ मोगली ने कहा कि उसको जेल अधीक्षक भंवर सिंह से कोई शिकायत नहीं है। वो गतदिनों छुट्टी पर गए थे। उनके छुट्टी पर जाने के बाद उसको बैरक में प्रताडि़त किया जाने लगा है।
हार्डकोर बंदी ने हाई सिक्योरिटी जेल में बैरक के दरवाजे पर सिर मारकर लहूलुहान कर लिया। उपचार करवाया गया है। मामले में शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
शम्भू सिंह शेखावत, थानाप्रभारी सिविल लाइंस
Updated on:
07 Apr 2026 02:27 pm
Published on:
07 Apr 2026 01:56 pm
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