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आनंदपाल तो लगा एनकाउन्टर में ठिकाने, सजा भुगत रहे ये 11 पुलिस के जवान

अधिकारी हो या उनके अपने साथी हर कोई उन्हें अब भी शक की निगाहों से देखता है।

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अजमेर

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Manish Singh

Dec 07, 2017

anandpal singh encounter case

anandpal singh encounter case

गैंगस्टर आनन्दपालसिंह के अपराध की कहानी एनकाउंटर के साथ खत्म हो गई लेकिन एक निरीक्षक, एक उप निरीक्षक समेत 11 ग्यारह पुलिस के जवानों के परिवार अब भी चैन की नींद नहीं सो पा रहे हैं। पुलिस के जवान और उनका परिवार सवा दो साल से सजा भुगत रहा है। विभागीय अधिकारी हो या उनके अपने साथी हर कोई उन्हें अब भी शक की निगाहों से देखता है।

हाई सिक्योरिटी जेल से तारीख पेशी पर गए गैंगस्टर आनन्दपालसिंह उसके दो साथी सुभाष मूंड व श्रीवल्लभ की फरारी का सच सबके सामने आए अरसा बीत चुका। लेकिन फरारी के वक्त चालानी गार्ड में मौजूद 11 पुलिस अधिकारी को अब भी अपनी बहाली का इंतजार है।

दो साल से अधिक समय बीत गया है लेकिन अजमेर समेत नागौर, टोंक के ग्यारह पुलिस कर्मी निलंबन की कार्रवाई झेल रहे हैं। उन्हें अब तक यह तक मालूम नहीं है कि आनन्दपाल सिंह की फरारी में उनको सजा मिलेगी या माफी जबकि एटीएस ने 5 माह पहले गैंगस्टर आनन्दपालसिंह का एन्काउंटर कर अपराध की फाइल बंद कर चुकी है।

यह थे चालानी गार्ड
आनन्दपाल की चालानी गार्ड में उपनिरीक्षक फूलचन्द प्रजापत, कमांडो शक्तिसिंह, सुनील, गोपाल, मुकेश, सिपाही जगदीश शर्मा, राजेन्द्रसिंह पंवार, हरदीपसिंह, सांवरमल, अर्जुनराम व फोटोग्राफर राजेन्द्र शामिल थे जबकि परबतसर एसएचओ अनिल पांडे भी शामिल थे। फरारी में नागौर पुलिस का कमांडो शक्ति सिंह की लिप्तता उजागर हुई थी।

कमांडो हो चुका है बर्खास्त

पुलिस मुख्यालय ने फरारी में आनन्दपाल की चालानी गार्ड की लिप्तता उजागर होने पर कमांडो शक्तिसिंह को बर्खास्त कर दिया। शक्ति सिंह ने ही आनन्दपालसिंह के भाई विक्की के साथ मिलकर फरारी का षड्यंत्र रचा था। शक्तिसिंह का जन्मदिन सेलिब्रेट करने के लिए ही आनन्दपाल ने षड्यंत्रपूर्वक मनोरोग की दवा मिली मिठाई मंगवाई थी। शक्ति सिंह के दबाव पर ही बाकी कमांडो व चालानी गार्ड ने मिठाई खाई थी।

रिपोर्ट पर नहीं कोई निर्णय

आनन्दपाल फरारी प्रकरण की प्रशासनिक जांच वरिष्ठ आईएएस अधिकारी दीपक उप्रेती को दी गई थी। उप्रेती ने भी जांच रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। लेकिन फरारी प्रकरण में जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार व पुलिस मुख्यालय कोई फैसला नहीं कर पाया है।

फरारी प्रकरण से जुड़े चालानी गार्ड फिलहाल निलंबित चल रहे है। उनके निलंबन पर अभी कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर ही फैसला होगा।
-राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक अजमेर