पिछले करीब पांच दशक में नसीराबाद कांग्रेस का गढ़ रहा है। वर्ष 2013 में भाजपा के सांवरलाल जाट विधायक चुने गए। वहीं उनके निधन के बाद उपचुनाव में कांग्रेस ने सीट जीती। वर्ष 2018 में भाजपा के रामस्वरूप लांबा के विधायक बनने के बाद कांग्रेस सरकार ने कोई विशेष सौगात नसीराबाद को नहीं दी, बावजूद 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लांबा फिर चुनाव जीत गए। ऐसे में भाजपा सरकार ने लेखानुदान बजट में ही नसीराबाद के लिए सौगात दी है।