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एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता 50 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार

एसीबी अजमेर की कार्रवाई : वर्क ऑर्डर के बदले ठेकेदार से मांगी थी 2 लाख रुपए की रिश्वतसत्यापन में 2 लाख पर बनी सहमति, पहली किस्त लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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अजमेर

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Manish Singh

Feb 16, 2026

एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता 50 हजार लेते गिरफ्तार

अधीक्षण अभियंता बाबूलाल

अजमेर(Ajmer News). भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने सोमवार दोपहर कार्रवाई करते हुए अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने परिवादी ठेकेदार की फर्म को जारी वर्क ऑर्डर की एवज में 2 लाख रुपए की रिश्वत मांग रखी थी।

पुलिस अधीक्षक (एसीबी अजमेर रेंज) महावीर सिंह राणावत ने बताया कि एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी अजमेर चौकी ने सोमवार को ट्रेप कार्रवाई की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वंदना भाटी के नेतृत्व में ट्रेप टीम का गठन किया गया। निरीक्षक मीरा बेनीवाल व उनकी टीम ने ट्रेप की कार्रवाई को अंजाम देते हुए माकड़वाली रोड पंचशील स्थित एवीवीएनएल कार्यालय में अधीक्षण अभियंता बाबूलाल को 2 लाख रुपए की रिश्वत में से पहली किस्त 50 हजार रुपए लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी की टीम ने मौके से रिश्वत की रकम बरामद कर ली। एसीबी की टीम आरोपी एसई बाबूलाल के जयपुर और अजमेर स्थित आवास पर चर्च करने में जुटी है। इस कार्रवाई से एवीवीएनएल कार्यालय में हड़कम्प मच गया। एसीबी ने आरोपी एसई के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में प्रकरण दर्जकर अनुसंधान शुरू कर दिया है।

छह दिन पहले किया सत्यापन

एसीबी को शिकायत मिली कि एवीवीएनएल के अधीक्षण अभियंता बाबूलाल परिवादी ठेकेदार की फर्म को पूर्व में जारी किए वर्क ऑर्डर के बदले 2 लाख 10 हजार रुपए की रिश्वत की मांगकर परेशान कर रहा है। शिकायत के आधार पर 11 फरवरी को एसीबी ने रिश्वत मांग का सत्यापन किया। सत्यापन में परिवादी ठेकेदार और अधीक्षण अभियंता बाबूलाल ने 2 लाख रुपए रिश्वत देने पर सहमति बनी। जिसमें पहली किस्त 50 हजार रुपए 16 फरवरी को देना तय हुआ।

पांच माह से कर रहा था परेशान

निरीक्षक मीरा बेनीवाल ने बताया कि एसीबी की पड़ताल में आया कि एसई बाबूलाल परिवादी ठेकेदार को नवम्बर-दिसम्बर 2025 के वर्क ऑर्डर जारी ना कर परेशान कर रहा था। वर्क ऑर्डर की एवज में एसई बाबूलाल लगातार अनुचित डिमांड कर रहा था। आखिर परिवादी ठेकेदार ने परेशान होकर एसीबी को मामले की शिकायत दे दी।